कर्नाटक में बस किराए में बढ़ोतरी की तैयारी तेज हो गई है। नई गठित सार्वजनिक परिवहन किराया विनियमन समिति ने प्रस्तावित बदलावों पर जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।

  • कर्नाटक सार्वजनिक परिवहन किराया विनियमन समिति (KPTFRC) का गठन किया गया है।
  • बस किराए में वृद्धि का प्रस्ताव राज्य परिवहन निगमों के बढ़ते घाटे के कारण है।
  • जनता 21 सितंबर तक अपने सुझाव और आपत्तियां जमा कर सकती है।

बेंगलुरु: कर्नाटक में सार्वजनिक परिवहन के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार बस किराए में वृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। हाल ही में गठित कर्नाटक सार्वजनिक परिवहन किराया विनियमन समिति (KPTFRC) ने प्रस्तावित किराया संशोधन के संबंध में जनता से राय, सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

यह समिति, जो नम्मा मेट्रो की किराया निर्धारण समिति की तर्ज पर बनाई गई है, राज्य में बस किराए की समीक्षा करने वाली पहली ऐसी संस्था है। समिति के अध्यक्ष पूर्व आईएएस अधिकारी अतुल कुमार तिवारी हैं। यह कदम परिवहन मंत्री बयरथी सुरेश द्वारा हाल ही में दिए गए संकेतों के बाद उठाया गया है, जिन्होंने संकेत दिया था कि निगमों के वित्तीय स्वास्थ्य को सुधारने के लिए किराया संशोधन आवश्यक है।

वित्तीय संकट का कारण

परिवहन मंत्री बयरथी सुरेश के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा ईंधन की कीमतों में बार-बार की गई वृद्धि का सीधा असर राज्य सड़क परिवहन निगमों (RTCs) पर पड़ा है। वर्तमान में, चारों निगम पुराने दरों पर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें सालाना ₹8,000 करोड़ से ₹10,000 करोड़ तक का भारी घाटा हो रहा है।

निगमों का बढ़ता घाटा और ईंधन की बढ़ती कीमतें सार्वजनिक परिवहन की स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई हैं।

बोजोकमीडिया (BozokMedia) विश्लेषण से पता चलता है कि यदि किराए में वृद्धि नहीं की गई, तो परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता करना पड़ सकता है। चारों निगमों ने पहले ही समिति को अपने प्रस्ताव सौंप दिए हैं। इन प्रस्तावों का मुख्य आधार डीजल की कीमतों में वृद्धि, कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी और सामाजिक दायित्वों को पूरा करने की आवश्यकता है।

Why This Matters

यह निर्णय करोड़ों दैनिक यात्रियों की जेब पर सीधा असर डालेगा। कर्नाटक के चार प्रमुख सड़क परिवहन निगमों की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है ताकि वे भविष्य में भी सस्ती और सुरक्षित सेवाएं प्रदान कर सकें।

Did You Know?: कर्नाटक में चार प्रमुख सड़क परिवहन निगम (RTCs) राज्य भर में सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ की हड्डी के रूप में कार्य करते हैं।

Frequently Asked Questions

1. मैं अपने सुझाव कैसे जमा कर सकता हूँ?
आप डाक के माध्यम से या समिति की आधिकारिक वेबसाइट http://ksrtc.org/fare_revision_feedback/ पर जाकर अपने सुझाव दे सकते हैं।

2. सुझाव देने की अंतिम तिथि क्या है?
सभी आपत्तियां और सुझाव 21 सितंबर तक जमा किए जाने चाहिए।