इराण के राष्ट्रपति मसूद पज़ेशकीअन ने एक भारत टुडे साक्षात्कार में यू.एस. के परमाणु हथियारों के दावे को खारिज किया, यह कहते हुए कि इराण ने नॉन-डिवेलपमेंट पॉलिसी को अपनाया है। उन्होंने इज़राइल के परमाणु महत्वाकांक्षा पर भी सवाल उठाया और गाज़ा व लेबनान में हुई सैन्य कार्रवाइयों की निंदा की।
- पज़ेशकीअन ने इराण के नॉन-डिवेलपमेंट पॉलिसी को उजागर किया।
- इज़राइल के परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय नज़रअंदाज़ी पर सवाल उठाया।
- गाज़ा और लेबनान में नागरिक हताहतों के खिलाफ आवाज उठाई।
साक्षात्कार के दौरान, इराण के राष्ट्रपति मसूद पज़ेशकीअन ने स्पष्ट रूप से यू.एस. के आरोपों को “झूठ” बताया, यह कहते हुए कि इराण ने नॉन-डिवेलपमेंट पॉलिसी के तहत नॉन-डिवेलपमेंट के लिए नॉन-डिवेलपमेंट प्रोग्राम अपनाया है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि इराण की नाभिकीय गतिविधियाँ अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण के तहत पूरी तरह पारदर्शी हैं।
पृष्ठभूमि
2015 में इराण ने इंटर्नैशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें उसके परमाणु कार्यक्रम की निगरानी और सीमाएँ तय की गईं। तब से, यू.एस. और इज़राइल ने इराण पर लगातार दबाव डाला है, जबकि इराण ने अपने कार्यक्रम को शांति और सुरक्षा के उद्देश्य से बताया है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि पज़ेशकीअन की यह बयानबाजी मध्य पूर्व की भू-राजनीति को फिर से संतुलित कर सकती है। इराण की नाभिकीय नीतियों पर विश्व का ध्यान और गाज़ा में मानवीय संकट के बीच यह वक्तव्य एक नया मोड़ प्रस्तुत करता है।
“इराण की स्पष्ट पॉलिसी अंतरराष्ट्रीय संवाद को पुनःस्थापित करने का एक अवसर है।” – डॉ. सारा खान, अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ।
दिड यू नो?
सवाल और जवाब
1. क्या इराण वास्तव में नाभिकीय हथियार बना रहा है? इराण ने लगातार कहा है कि उसके कार्यक्रम का उद्देश्य शांति और ऊर्जा उत्पादन है, न कि हथियार।
2. इज़राइल का नाभिकीय कार्यक्रम क्या है? इज़राइल का नाभिकीय कार्यक्रम गुप्त है, परंतु माना जाता है कि वह 1970 के दशक से नाभिकीय हथियार रखता है।