हैदराबाद सरकार ने केबीआर नेशनल पार्क के आसपास प्रस्तावित 14 फ्लाईओवर और अंडरपास की योजना को रद्द कर अब केवल एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है। यह बदलाव यातायात व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

  • 14 फ्लाईओवर और अंडरपास के बजाय अब केवल एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा।
  • वन-वे ट्रैफिक सिस्टम की सफलता के बाद सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है।
  • प्रस्तावित कॉरिडोर जुबली हिल्स चेक पोस्ट से नागार्जुन सर्कल तक होगा।
  • संपत्ति अधिग्रहण की उच्च लागत और पर्यावरणीय चिंताओं ने योजना को बदला।

हैदराबाद के महत्वपूर्ण कासु ब्रह्मानंद रेड्डी (KBR) नेशनल पार्क के आसपास बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर एक बड़ा नीतिगत बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार ने 'हैदराबाद सिटी इनोवेटिव एंड ट्रांसफॉर्मेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर' (H-CITI) परियोजना के तहत पहले से प्रस्तावित 14 फ्लाईओवर और अंडरपास की भारी-भरकम योजना को大幅 कम करते हुए अब केवल एक एकल एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय इस सफल अवलोकन के बाद लिया गया है कि पार्क के आसपास की सड़कों को 'वन-वे' (एकतरफा) मार्ग में बदलने से यातायात का प्रवाह काफी सुगम हो गया है। हालांकि, इस एकल संरचना के अंतिम विवरणों पर अभी भी चर्चा चल रही है और आधिकारिक आदेश जारी किया जाना बाकी है।

प्रस्तावित नया कॉरिडोर क्या है?

वर्तमान सहमति के अनुसार, सरकार जुबली हिल्स चेक पोस्ट से नागार्जुन सर्कल तक एक दो-तरफा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने पर विचार कर रही है। पहले की योजना में सात फ्लाईओवर और सात अंडरपास शामिल थे। नया कॉरिडोर माधपुर, हाईटेक सिटी और उसके आगे जाने वाले वाहनों के लिए सिग्नल-मुक्त यात्रा सुनिश्चित करेगा, जिससे इस व्यस्त क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "वन-वे नियम लागू होने के बाद यातायात की स्थिति देखकर सरकार ने प्रोजेक्ट को रीडिजाइन करने का फैसला किया है।"

परियोजना में बदलाव के प्रमुख कारण

इस बड़े बदलाव के पीछे दो मुख्य कारण रहे हैं: पर्यावरण संरक्षण और संपत्ति अधिग्रहण की जटिलताएं। नागरिक समूहों और पर्यावरणविदों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इतने सारे निर्माण कार्य से पार्क के आसपास कंक्रीट का जाल बिछ जाएगा, जिससे पार्क के अस्तित्व को खतरा हो सकता है।

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि संपत्ति अधिग्रहण की लागत भी एक निर्णायक कारक रही। मूल योजना के तहत 247 संपत्तियों का अधिग्रहण किया जाना था, जिनमें कई वीवीआईपी और फिल्मी हस्तियों की संपत्तियां शामिल थीं। संपत्ति मालिकों द्वारा मुआवजे के बदले 'ट्रांसफर करने योग्य विकास अधिकार' (TDR) स्वीकार न करने के कारण सरकार पर भारी वित्तीय बोझ पड़ने की संभावना थी।

विशेषतापुरानी योजनानई प्रस्तावित योजना
कुल संरचनाएं14 (7 फ्लाईओवर + 7 अंडरपास)केवल 1 (एलिवेटेड कॉरिडोर)
मुख्य लाभअधिकतम कनेक्टिविटीपर्यावरण संरक्षण और कम लागत
ट्रैफिक मॉडलबहु-स्तरीय निर्माणवन-वे + एलिवेटेड कॉरिडोर

इसके अतिरिक्त, कई संपत्ति मालिकों ने अधिग्रहण के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, और पार्क के 'इको सेंसिटिव ज़ोन' को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है।

क्या आप जानते हैं?

Did You Know?: केबीआर पार्क हैदराबाद के सबसे महत्वपूर्ण फेफड़ों में से एक है, जो शहर के बीचों-बीच एक विशाल हरित क्षेत्र प्रदान करता है।

Frequently Asked Questions

1. नया कॉरिडोर किन स्थानों को जोड़ेगा?
नया प्रस्तावित कॉरिडोर जुबली हिल्स चेक पोस्ट से नागार्जुन सर्कल तक बनाया जाएगा।

2. योजना में बदलाव क्यों किया गया?
वन-वे ट्रैफिक की सफलता, पर्यावरण संरक्षण की मांग और संपत्ति अधिग्रहण की उच्च लागत के कारण योजना बदली गई है।