तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भाटी विक्रमार्क ने घोषणा की है कि 19 नवंबर से 'राजीव युवा विकास' योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए ₹1 लाख तक की सहायता दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
- 19 नवंबर से 'राजीव युवा विकास' योजना का कार्यान्वयन शुरू होगा।
- लाभार्थियों को स्वरोजगार इकाइयां स्थापित करने के लिए ₹1 लाख तक की वित्तीय सहायता मिलेगी।
- सरकारी आवासीय स्कूलों में आधुनिक मैकेनाइज्ड किचन स्थापित किए जाएंगे।
- सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के कॉलेजों में उद्योग की मांग के अनुसार नए कोर्स शुरू किए जाएंगे।
हैदराबाद: तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मल्लू भाटी विक्रमार्क ने राज्य के युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 'राजीव युवा विकास' योजना के पहले चरण के तहत 19 नवंबर से लाभार्थियों को स्वरोजगार इकाइयां स्थापित करने के लिए ₹1 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की जाए।
प्रजा भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान, विक्रमार्क ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं से किए गए अपने वादों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि सहायता राशि का वितरण उसी दिन सुनिश्चित किया जाए जिस दिन योजना लागू हो।
आवासीय स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
बैठक के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने सरकारी आवासीय स्कूलों, विशेष रूप से SC आवासीय विद्यालयों में मैकेनाइज्ड सेंट्रलाइज्ड किचन स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि छात्रों को आधुनिक और स्वच्छ वातावरण मिल सके। हालांकि, उन्होंने यह भी सख्त निर्देश दिए कि जब तक नए किचन तैयार नहीं हो जाते, तब तक छात्रों के भोजन की गुणवत्ता और आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
राज्य सरकार का ध्यान केवल वित्तीय सहायता देने पर ही नहीं, बल्कि युवाओं को कौशल और बुनियादी ढांचा प्रदान करने पर भी है।
शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
विक्रमार्क ने SC स्टडी सर्कल्स के प्रदर्शन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि वे एक विस्तृत मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि क्या इन स्टडी सर्कल्स पर किया गया खर्च और प्रशिक्षण छात्रों के परिणामों के साथ न्याय कर रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित 30 डिग्री कॉलेजों में उद्योग की जरूरतों के अनुसार नए पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इन नए पाठ्यक्रमों को यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी (YISU) के साथ जोड़ा जाना चाहिए ताकि छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। जनजातीय कल्याण विभाग के तहत 26 एकलव्य स्कूलों के निर्माण के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिए गए हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तेलंगाना सरकार का यह बहुआयामी दृष्टिकोण—वित्तीय सहायता, आधुनिक बुनियादी ढांचा और कौशल-आधारित शिक्षा—राज्य में बेरोजगारी दर को कम करने और सामाजिक-आर्थिक समानता लाने के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
Frequently Asked Questions
1. राजीव युवा विकास योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि वे अपनी खुद की इकाइयां स्थापित कर सकें।
2. सहायता राशि कितनी दी जाएगी?
योजना के पहले चरण में लाभार्थियों को ₹1 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।