अंड्र प्रदेश सरकार द्वारा समुद्र तट शैक्स पर शराब बिक्री की अनुमति देने के प्रस्ताव पर महिला संगठनों ने तीव्र विरोध किया है। उन्होंने इस फैसले को वापस लेने और पर्यटन को सुरक्षित एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने की मांग की है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- अंड्र प्रदेश सरकार ने G.O. 362 को लागू करने का प्रस्ताव रखा
- महिला संगठनों ने इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की
- प्रस्ताव को लेकर शैशव विरोध और टूरिज्म रणनीति पर चर्चा
विसाखापट्टनम में गांधी प्रतिमा के पास आयोजित मैत्री मंच के अंतर्गत आयोजित टेबल‑टॉप मीटिंग में महिलाओं के संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों ने अंड्र प्रदेश सरकार के आदेश संख्या 362 के खिलाफ कड़ी आवाज़ उठाई। यह आदेश समुद्र तट शैक्स पर शराब की बिक्री की अनुमति देने की दिशा में था, जिससे स्थानीय समुदाय और पर्यटकों के बीच सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर प्रश्न उठे।
पृष्ठभूमि और इतिहास
समुद्र तट शैक्स, विशेषकर विसाखापट्टनम के विस्तृत तटरेखा पर, पिछले कई सालों से पर्यटन के मुख्य आकर्षण रहे हैं। हालांकि, इन शैक्स पर अल्पकालिक व्यापार मॉडल और अनियमित शराब बिक्री की संभावनाओं ने पहले भी स्थानीय प्रशासन को चुनौती दी है। अंड्र प्रदेश में शराब नियंत्रण से जुड़ी नीतियों का इतिहास जटिल रहा है, जहाँ आर्थिक हित और सामाजिक सुरक्षा के बीच लगातार टकराव रहा है।
महिला संगठनों की प्रतिक्रिया
मैत्री मंच की अध्यक्षता AIDWA राज्य नेता बी. पद्मा, NFIW राज्य अध्यक्ष अ. विमला, POW राज्य अध्यक्ष एम. लक्ष्मी और CMS राज्य नेता ललिता ने की। इस बैठक में वरिष्ठ वकील गिरिधर, AIDWA उपाध्यक्ष बी. प्रभावती, CITU जिला सचिव एस. ज्योतिश्वर राव सहित कई महिला, ट्रेड यूनियन, छात्र और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि शराब की बिक्री से महिलाओं, बच्चों और परिवारों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है, और इस स्थान को सांस्कृतिक एवं पर्यटक‑मित्र बनाना चाहिए।
भविष्य की रणनीति
समूह ने "बीच शैक्स विरोध समिति" का गठन किया है, जो आगे के विरोध, प्रदर्शन और कानूनी कदमों का समन्वय करेगी। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि वह पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक सुविधाओं, संग्रहालयों, सांस्कृतिक केन्द्रों और विरासत स्थलों में निवेश करे, न कि शराब बिक्री को प्रोत्साहित करे। इस कदम से न केवल स्थानीय समुदाय की सुरक्षा बल्कि राज्य की छवि भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुधर सकती है।
संभावित परिणाम
यदि सरकार इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाती है, तो संभावित सामाजिक अशांति, महिला सुरक्षा के मुद्दे और पर्यटक आकर्षण में गिरावट देखी जा सकती है। दूसरी ओर, यदि महिलाओं की मांग को मान्यता दी जाती है, तो अंड्र प्रदेश को पर्यटन‑उन्मुख नीतियों के माध्यम से आर्थिक लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, साथ ही सामाजिक समरसता को भी मजबूती मिलेगी।