राष्ट्रीय राजधानी में मतदाता अब अपने एन्‍युमरेशन फॉर्म जमा करने के लिए 10 अतिरिक्त दिन प्राप्त कर चुके हैं। चुनाव आयोग ने दिल्ली‑सहित पंजाब, तेलंगाना और कर्नाटक के लिए नई शेड्यूल जारी की है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित होगी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • दिल्ली में एन्‍युमरेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 8 अगस्त तक बढ़ाई गई
  • पंजाब, तेलंगाना और कर्नाटक में भी SIR शेड्यूल में समान विस्तार किया गया
  • अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित होगी, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी

भारत के चुनाव आयोग ने 16 जुलाई को जारी किए गए संशोधित शेड्यूल के तहत दिल्ली में मतदान प्रक्रिया (SIR) के लिए मतदाता फॉर्म जमा करने की समय सीमा को 10 दिन बढ़ा कर 8 अगस्त कर दिया है। यह कदम उन नागरिकों के हित में लिया गया है जिन्होंने अभी तक अपना एन्‍युमरेशन फॉर्म नहीं दिया था, और साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि सभी संभावित त्रुटियों को ठीक करने का पर्याप्त समय मिले।

पृष्ठभूमि और प्रक्रिया

SIR (सिस्टमेटिक इन्फॉर्मेशन रिव्यू) चुनाव आयोग की वार्षिक कार्यवाही है, जिसमें प्रत्येक चुनावी क्षेत्र के मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया में ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा घर‑घर जाकर एन्‍युमरेशन फॉर्म वितरित करना, फॉर्म एकत्रित करना और डिजिटल रूप में परिवर्तित करना शामिल है। दिल्ली में अब तक 1.4 करोड़ फॉर्म वितरित कर 99.2% मतदाता वर्ग को कवर किया गया है, जबकि 21.7 लाख फॉर्म (लगभग 15%) एकत्रित व डिजिटल किए जा चुके हैं।

अन्य राज्यों में समान विस्तार

पंजाब, तेलंगाना और कर्नाटक के लिए भी समान शेड्यूल परिवर्तन लागू किए गए हैं। पंजाब में BLO के घर‑घर दौरे अब 3 अगस्त तक चलेंगे, जबकि ड्राफ्ट रोल 13 अगस्त को प्रकाशित होगा और अंतिम रोल 12 अक्टूबर को। तेलंगाना में फॉर्म संग्रह 3 अगस्त तक जारी रहेगा, ड्राफ्ट रोल 10 अगस्त को और अंतिम रोल 12 अक्टूबर को घोषित होगा। कर्नाटक में भी घर‑घर दौरे 8 अगस्त तक जारी रहेंगे, ड्राफ्ट रोल 17 अगस्त को और अंतिम रोल 19 अक्टूबर को प्रकाशित होगा।

प्रभाव और आगे की राह

इन विस्तारों का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक और समावेशी बनाना है, जिससे आगामी चुनावों में किसी भी वर्ग को बाहर न किया जा सके। विशेषकर दिल्ली के पुरानी दिल्ली और ईस्ट दिल्ली जैसे क्षेत्रों में अभी भी फॉर्म डिजिटाइजेशन की दर कम है (लगभग 9%), जिससे भविष्य में इन क्षेत्रों में जागरूकता अभियानों की आवश्यकता स्पष्ट होती है। अंत में, 19 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची सभी राज्यों में चुनाव की तैयारी को सुदृढ़ करेगी।

नागरिक समाज और राजनीतिक दलों को इस अवधि का पूर्ण लाभ उठाते हुए अपने समर्थकों को फॉर्म जमा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, ताकि लोकतंत्र की नींव पर कोई भी खामियां न रह जाएँ।