हैदराबाद के हाइ‑टेक सिटी स्टेशन का 26 करोड़ रुपये के निवेश से आधुनिकीकरण किया गया है, जिसमें 12 मीटर चौड़ी फुट ओवरब्रिज, अतिरिक्त लिफ्ट, एस्केलेटर और उन्नत यात्रियों की सुविधाएँ शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसका उद्घाटन किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई को वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया
  • स्टेशन का आधुनिकीकरण 26 करोड़ रुपये में पूरा हुआ
  • 12 मीटर चौड़ी फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर और बेहतर संकेतक स्थापित किए गए

हैदराबाद के हाइ‑टेक सिटी रेलवे स्टेशन ने अपने आधुनिकीकरण के बाद एक नया रूप धारण किया है। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) के प्रमुख प्रॉ. ए. श्रीधर ने बताया कि यह परियोजना उत्तर भारत में अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत 40 स्टेशनों में से एक है, जिसका कुल बजट 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

विस्तृत सुधार और नई सुविधाएँ

स्टेशन के पुनर्निर्माण में 12 मीटर चौड़ी फुट ओवरब्रिज, अतिरिक्त लिफ्ट और एस्केलेटर, आधुनिक संकेत प्रणाली, साफ‑सुथरे शौचालय, एक व्यापक प्रतीक्षा हॉल और विशेष रूप से दिव्यांग यात्रियों के लिए सुलभ सुविधाएँ शामिल हैं। नई प्रवेश पोर्टिक और विस्तारित प्लेटफ़ॉर्म शेड भी यात्रियों की सुविधा को बढ़ाते हैं।

परिचालन और यात्रियों का प्रभाव

हाइ‑टेक सिटी स्टेशन, सेकुंडरबाड़ा डिवीजन के अंतर्गत, लिंगमपल्ली‑सेकुंडरबाड़ा मार्ग पर स्थित है। यहाँ से लगभग 62 एमएमटीएस (MMTS) सेवाएँ चलती हैं, जो सेकुंडरबाड़ा, हैदराबाद, उडमनागर, फ़लकनुमा, मेड़चल और घाटकेसर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ती हैं। औसतन प्रतिदिन 3,000 यात्रियों की भीड़ इस स्टेशन को पार करती है, जिससे नई सुविधाओं का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव अत्यधिक सकारात्मक रहेगा।

अमृत भारत स्टेशन योजना का महत्व

अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य भारतीय रेलवे को विश्व स्तर की सुविधाएँ प्रदान करना है, जिससे यात्रियों के अनुभव में सुधार हो और सार्वजनिक परिवहन को अधिक आकर्षक बनाया जा सके। इस योजना के तहत, टेलंगाना में कुल 40 स्टेशनों का आधुनिकीकरण हो रहा है, जिससे राज्य की आर्थिक वृद्धि और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

भविष्य की संभावनाएँ

प्रमुख विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर निवेश न केवल मौजूदा यात्रा अनुभव को बेहतर बनाते हैं, बल्कि भविष्य में रियल‑टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग और स्वचालित सुरक्षा प्रणालियों को भी लागू करने की राह खोलते हैं। यह कदम भारतीय रेल को डिजिटल इंडिया के लक्ष्य के साथ संरेखित करता है।