अप्रैल 2024 में नैलै एक्सप्रेस से लगभग ₹3.99 करोड़ जब्त किए गए। तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैना नगेत्रण को इस मामले में दोषी ठहराने वाले चार्ज‑शीट की कॉपी कोर्ट में मिली और अगली सुनवाई 30 जुलाई को निर्धारित हुई।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • नैलै एक्सप्रेस से ₹3.99 करोड़ की बरामदगी
  • तामिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैना नगेत्रण को केस में जोड़ना
  • चार्ज‑शीट तैयार, सुनवाई 30 जुलाई को स्थगित

जुलाई 16, 2026 को चेन्नई के जॉर्ज टाउन कोर्ट परिसर में तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैना नगेत्रण ने कोर्ट में उपस्थित होकर अपने खिलाफ दायर चार्ज‑शीट की कॉपी प्राप्त की। यह मामला 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले, अप्रैल 2024 में, नैलै एक्सप्रेस ट्रेन में तीन यात्रियों से बड़ी रकम जब्त होने की घटना से जुड़ा है।

कैसे हुई बड़ी रकम की बरामदगी

6 अप्रैल, 2024 को चेन्नई के तंबाराम स्टेशन पर फ़्लाइंग स्क्वाड टीम (FST) ने तीन व्यक्तियों से लगभग ₹3.99 करोड़ जब्त किए। पुलिस ने बताया कि ये धनराशि तिरुनेलवेली के मतदाताओं को वितरित करने के लिए तैयार की जा रही थी, और यह निर्देश नैना नगेत्रण ने दिया था, जो उसी समय बीजेपी के लोकसभा उम्मीदवार थे।

जांच और कानूनी प्रक्रिया

जबरन बरामदगी के बाद, तंबाराम पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और तीनों को हिरासत में ले लिया। उनमें से एक, एस. सतीश (33), जो नगेत्रण के स्वामित्व वाले होटल ब्लू डायमंड का मैनेजर था और स्वयं भी बीजेपी सदस्य था। अन्य दो—एस. Naveen (26) और एस. Perumal (26)—को भी उसी आरोप में गिरफ्तार किया गया। बरामद धनराशि को तहसिलदार को सौंप दिया गया और आयकर विभाग को सूचित किया गया। बाद में मामला क्राइम ब्रांच CID (CB‑CID) को सौंपा गया, जिसने कुल 13 व्यक्तियों, जिसमें नगेत्रण और पूर्व संगठनात्मक सचिव केसव विनायकम शामिल हैं, के खिलाफ चार्ज‑शीट दायर की।

राजनीतिक प्रभाव और नगेत्रण का बयान

कोर्ट में उपस्थित होने के बाद नगेत्रण ने कहा, “यह मामला राजनीतिक प्रेरणा से बनाया गया है और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव एलायंस (DMK) शासन के दौरान दर्ज किया गया था। हमें उम्मीद थी कि नई सरकार इस केस को वापस ले लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।” उनकी यह टिप्पणी तमिलनाडु में आगामी चुनावी माहौल को और जटिल बनाती है, जहाँ विपक्षी पार्टियों के बीच कानूनी लड़ाइयाँ आम हो रही हैं।

आगे का रास्ता

मामले को 30 जुलाई को पुनः सुनवाई के लिए स्थगित किया गया है। यदि कोर्ट नगेत्रण और अन्य आरोपी पर कठोर सज़ा देता है, तो यह तमिलनाडु में बीजेपी की चुनावी रणनीति और सार्वजनिक विश्वास को गहराई से प्रभावित कर सकता है। साथ ही, यह घटना चुनावी वित्तीय नियमों और वोट‑भुगतान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर करती है।