राज्य सरकार ने बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण 25 लाख एंट्योदय रेशन कार्डधारियों को मुफ्त साड़ी प्रदान करने वाली योजना को बंद कर दिया। यह कदम राज्य के कपड़ा उद्योग और सामाजिक कल्याण दोनों पर असर डालता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • महाराष्ट्र सरकार ने 25 लाख परिवारों को मुफ्त साड़ी योजना को रद्द किया।
  • योजना का वार्षिक बजट 100 करोड़ रुपये था, लेकिन वित्तीय तनाव ने इसे असंभव बना दिया।
  • स्मृति योजना के बंद होने से राज्य के पावरलूम सेक्टर और लाभार्थियों दोनों को प्रभाव पड़ेगा।

महाराष्ट्र सरकार ने 17 जुलाई को एक आधिकारिक सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी कर यह घोषणा की कि "कैप्टिव मार्केट योजना" को अगले वित्तीय वर्ष से जारी नहीं रखा जाएगा। यह योजना, जिसे तब के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जून 2023 में शुरू किया था, का मुख्य उद्देश्य राज्य के पावरलूम उद्योग को स्थायी बाजार प्रदान करना और एंट्योदय रेशन कार्डधारियों को हर साल एक मुफ्त साड़ी देना था।

योजना का प्रारंभिक लक्ष्य और कार्यप्रणाली

एकीकृत और सतत वस्त्र नीति 2023‑28 के तहत चलायी गई यह योजना, 2023, 2024 और 2025 में लगातार तीन वर्षों तक लागू रही। प्रत्येक वर्ष दिवाली के अवसर पर लगभग 25 लाख परिवारों को पावरलूम‑बुनी साड़ियां वितरित की जाती थीं, जिससे न केवल महिलाओं के वस्त्र सुरक्षा में सुधार हुआ, बल्कि स्थानीय वस्त्र उद्योग को भी निरंतर आदेश मिलते रहे।

वित्तीय दबाव और योजना का निरसन

राज्य के वित्तीय अधिकारी बताते हैं कि वर्तमान में कई सामाजिक कल्याण योजनाओं, विभिन्न क्षेत्रों को दी जा रही वित्तीय सहायता, और आगामी योजनाओं के अनुमानित खर्च को देखते हुए 100 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट अब अस्थायी रूप से धारण नहीं किया जा सकता। इस कारण, अगले वित्तीय वर्ष से योजना को बंद करने का फैसला किया गया। यह कदम राज्य की बजट प्राथमिकताओं में बदलाव और फिस्कल अनुशासन की ओर संकेत करता है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक प्रभाव

साड़ी योजना के बंद होने से दो प्रमुख क्षेत्रों पर असर पड़ेगा: पहला, पावरलूम निर्माताओं की निर्यात क्षमता घटेगी, क्योंकि राज्य ने इस योजना को एक स्थायी आदेश के रूप में माना था। दूसरा, एंट्योदय कार्डधारियों की आर्थिक स्थिति में हल्की कमी आएगी, क्योंकि साड़ी एक आवश्यक वस्तु के रूप में आर्थिक बोझ को कम करती थी। सामाजिक कार्यकर्ता इस निर्णय को महिलाओं के कल्याण पर संभावित नकारात्मक प्रभाव के रूप में देख रहे हैं, जबकि वित्तीय विशेषज्ञ इसे आवश्यक फिस्कल सुधार के रूप में समर्थन कर रहे हैं।

भविष्य की संभावनाएँ

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महाराष्ट्र वित्तीय संतुलन स्थापित करने में सफल होता है, तो वह अन्य सामाजिक योजनाओं को पुनः संरचित करके अधिक लक्षित लाभ पहुंचा सकता है। साथ ही, पावरलूम उद्योग को निरंतर आदेश देने के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी मॉडल अपनाने की संभावना भी उभरी है। इस प्रकार, योजना का अंत एक नई नीति दिशा का संकेत हो सकता है, जो वित्तीय स्थिरता और उद्योग विकास के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करेगा।