पूर्व एआईएडीएमके नेताओं ने विधानसभा में अपने-अपने नए पक्षों और शर्ट की जेब में रखे नेता के फ़ोटो को लेकर तीखे मज़ाक‑मज़ाक किए।

मुख्य बिंदु

  • शेन्गोट्टैयन और पन्नीसेल्वम ने राजनीतिक बदलाव पर चुटीले जवाब दिए
  • दोनों ने शर्ट की जेब में रखे नेता के फ़ोटो का ज़िक्र किया
  • विधानसभा में बजट बहस के दौरान यह टकराव हुआ

राज्य सभा में बजट बहस के दौरान पूर्व एआईएडीएमके नेते के.ए. शेन्गोट्टैयन (राजस्व मंत्री, डीएमके) और पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीसेल्वम (टीवीके) ने अपने-अपने नए राजनीतिक घरों को लेकर हल्के‑फुल्के मज़ाक‑मज़ाक किए।

पन्नीसेल्वम ने कहा कि टीवीके सरकार ने अपने चुनावी वादों को भी पायलट प्रोजेक्टों में लागू नहीं किया, जिससे तमिलनाडु के लोग निराश हैं। वहीं, शेन्गोट्टैयन ने उत्तर दिया कि पाँच साल का समय वादों को लागू करने के लिए पर्याप्त है और तीन महीने में इतिहास नहीं बनता।

शिक्षा मंत्री राजमोहन ने मध्यस्थता करते हुए बताया कि टीवीके के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने शेन्गोट्टैयन को जयलालिता की तस्वीर बदलने से रोका था, जबकि पन्नीसेल्वम ने कई दिग्गजों की तस्वीरें अपने दिल में रखी हैं।

जनसामान्य कार्य मंत्री आदव अर्जुना ने कहा कि शेन्गोट्टैयन ने अभी भी “पुरात्च थलावी अम्मा” की तस्वीर जेब में रखी है, जबकि पन्नीसेल्वम ने कई राजनीतिक दिग्गजों को अपने दिल में रखा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such exchanges highlight the lingering factionalism within Tamil Nadu’s major parties and reflect how personal loyalties continue to influence public discourse.

"यह टकराव केवल व्यक्तिगत चुटीला नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर गहरी टकराव का संकेत है," राजनीतिक विश्लेषक डॉ. एस. राव ने कहा।
Did You Know?: तमिलनाडु में जेब में नेता की फोटो रखना एक पुरानी राजनीति परम्परा है, जो 1970 के दशक से चलती आ रही है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या पन्नीसेल्वम के टीवीके में बदलने से उनकी लोकप्रियता पर असर पड़ेगा?

उत्तर: विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव उनके आधार को पुनः व्यवस्थित कर सकता है, लेकिन प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है।

प्रश्न 2: क्या इस टकराव से विधानसभा की बहस में कोई परिवर्तन होगा?

उत्तर: वर्तमान में कोई औपचारिक बदलाव नहीं दिख रहा, परन्तु यह राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है।