भाजपा ने केरल की यूडीएफ सरकार पर 'राष्ट्र-विरोधी' रुख अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि सरकार ने धार्मिक समूहों के दबाव में आकर स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की अनदेखी की है।
- भाजपा केरल की यूडीएफ सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगी।
- आरोप है कि IUML और जमात-ए-इस्लामी के दबाव में वंदे मातरम का अपमान किया गया।
- स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत को पूरी तरह से हटा दिया गया।
- भाजपा कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है क्योंकि यह संसदीय अधिनियम का उल्लंघन है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केरल की वी.डी. सथीसन के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के राज्य महासचिव एम.टी. रमेश ने सोमवार को घोषणा की कि पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को नकार कर एक 'राष्ट्र-विरोधी' रुख अपनाया है।
विवाद की जड़ शनिवार को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित आधिकारिक राज्य-स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह है। भाजपा का दावा है कि इस कार्यक्रम में मुख्य मंत्री वी.डी. सथीसन द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के बाद वंदे मातरम का गायन पूरी तरह से छोड़ दिया गया, जो कि संसदीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
क्यों है यह विवाद?
केंद्र सरकार ने सभी राज्य संस्थानों को स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण को गाने का निर्देश दिया था। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा जारी एक अलग परिपत्र में केवल राष्ट्रगान का उल्लेख था। एम.टी. रमेश ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में भी वंदे मातरम गाया गया, लेकिन केरल और तमिलनाडु में इसे नजरअंदाज किया गया।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह विवाद केवल एक प्रोटोकॉल की गलती नहीं है, बल्कि केरल की जटिल राजनीति और तुष्टिकरण के आरोपों को दर्शाता है। जब राष्ट्रीय प्रतीकों को राजनीतिक दबाव के कारण किनारे किया जाता है, तो यह संवैधानिक मर्यादाओं और राष्ट्रीय एकता पर सवाल खड़े करता है।
"राष्ट्रीय प्रतीकों का राजनीतिकरण लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और यह संवैधानिक प्रावधानों की अवहेलना को बढ़ावा देता है।"
भाजपा ने यह भी उल्लेख किया कि 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) अधिनियम, 2026' के तहत वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान ही कानूनी सुरक्षा और वैधानिक दर्जा दिया गया है। एम.टी. रमेश ने आरोप लगाया कि सथीसन सरकार ने IUML और जमात-ए-इस्लामी जैसे समूहों को खुश करने के लिए इस कानून की अनदेखी की है।
ऐतिहासिक संदर्भ में देखें तो कांग्रेस पार्टी ने दशकों तक अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम का उपयोग किया है। भाजपा का तर्क है कि वर्तमान केरल सरकार ने अपनी ही मूल पार्टी की विचारधारा और देश के स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है।
| राज्य | शासक दल | वंदे मातरम का गायन (15 अगस्त) |
|---|---|---|
| हिमाचल प्रदेश | कांग्रेस | हाँ |
| कर्नाटक | कांग्रेस | हाँ |
| केरल | यूडीएफ (कांग्रेस नेतृत्व) | नहीं |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: भाजपा केरल सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों करना चाहती है?
उत्तर: क्योंकि संसदीय अधिनियम के अनुसार आधिकारिक समारोहों में राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय गीत का गायन अनिवार्य है, जिसका उल्लंघन हुआ है।
प्रश्न 2: एम.टी. रमेश ने किन समूहों के दबाव का आरोप लगाया है?
उत्तर: उन्होंने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और जमात-ए-इस्लामी जैसे धार्मिक समूहों के दबाव का आरोप लगाया है।