तमिलनाडु के लोक निर्माण मंत्री आदव अर्जुन ने विधानसभा में दावा किया कि पिछली DMK सरकार के दौरान ड्रग कल्चर के कारण POCSO मामलों में 40% की वृद्धि हुई है।
- मंत्री आदव अर्जुन ने DMK शासन को राज्य में ड्रग कल्चर के लिए जिम्मेदार ठहराया।
- 2023 से 2026 के बीच POCSO मामलों में 40% की वृद्धि का दावा किया गया।
- TVK सरकार ने ₹264 करोड़ के बजट के साथ एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया है।
- विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने इन आरोपों को राजनीतिक हथकंडा बताया।
तमिलनाडु विधानसभा के एक हंगामेदार सत्र के दौरान, लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री आदव अर्जुन ने पिछली DMK सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में वर्तमान में फैला 'ड्रग कल्चर' DMK शासन की ही देन है। मंत्री ने कहा कि नशीली दवाओं का यह चलन पिछले 100 दिनों में पैदा नहीं हुआ, बल्कि इसकी नींव DMK के कार्यकाल के दौरान रखी गई थी, जिसका सीधा असर उनके चुनावी हार पर पड़ा।
मंत्री अर्जुन ने नशीली दवाओं के सेवन और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के बीच एक सीधा संबंध स्थापित किया। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि POCSO अधिनियम, 2012 के तहत दर्ज मामलों में भारी उछाल आया है। उनके अनुसार, साल 2020 में जहाँ मामले 4,000 थे, वहीं 2021 में यह संख्या 6,064, 2022 में 6,580 और 2023 में 6,968 तक पहुँच गई। उन्होंने दावा किया कि 2023 और 2026 के बीच POCSO मामलों में 40% की वृद्धि हुई है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह बहस केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नहीं है, बल्कि दक्षिण भारत में युवाओं के बीच बढ़ते नशे की गंभीर सामाजिक समस्या को दर्शाती है। ड्रग्स को यौन हिंसा से जोड़कर, वर्तमान सरकार DMK की छवि को केवल एक राजनीतिक विफलता के रूप में नहीं, बल्कि एक नैतिक पतन के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।
बहस तब और तेज हो गई जब मंत्री ने विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को एक DMK सदस्य की तस्वीर दिखाई, जिस पर दो साल की बच्ची के साथ यौन शोषण का आरोप था। उन्होंने सवाल किया कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री (उदयनिधि) ने इस मामले में क्या कार्रवाई की? इस दौरान DMK सदस्यों ने भारी विरोध जताया, लेकिन स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर ने कहा कि मंत्री साक्ष्यों के साथ बोल रहे हैं और सदन की गरिमा बनी रहनी चाहिए।
"नशीली दवाओं और किशोर अपराधों का मेल एक ऐसा दुष्चक्र बनाता है जिसके लिए केवल पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि व्यापक विधायी सुधारों की आवश्यकता है।"
इस संकट से निपटने के लिए, तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार ने एक विशेष एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया है। ₹264 करोड़ के भारी-भरकम बजट के साथ, राज्य भर में 65 इकाइयाँ बनाई गई हैं। मंत्री अर्जुन ने स्पष्ट किया कि जो रिपोर्ट उन्होंने पेश कीं, वे उन्हीं पुलिस अधिकारियों (DGP और SPs) द्वारा तैयार की गई थीं, जो एम.के. स्टालिन के गृह मंत्री होने के दौरान कार्यरत थे।
जवाब में, उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि वर्तमान मंत्री सीधे सवालों के जवाब देने के बजाय पिछली सरकार पर दोष मढ़ रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि FIR दर्ज हुई थी, तो यह साबित करता है कि DMK सरकार ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: नए एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए कितना बजट आवंटित किया गया है?
TVK सरकार ने तमिलनाडु में ड्रग कल्चर को खत्म करने के लिए ₹264 करोड़ का बजट आवंटित किया है।
प्रश्न 2: विधानसभा में POCSO मामलों में कितनी वृद्धि की बात कही गई?
मंत्री आदव अर्जुन ने दावा किया कि 2023 और 2026 के बीच POCSO मामलों में 40% की वृद्धि हुई है।