पीएमके अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु सरकार को को-ऑप्टेक्स के 10 शोरूम बंद करने के निर्णय को तुरंत वापस लेने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यह कदम बुनकरों की आजीविका के लिए घातक है।
- डॉ. अंबुमणि रामदास ने को-ऑप्टेक्स के 10 शोरूम बंद करने के सरकारी आदेश का कड़ा विरोध किया है।
- उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय निजी कंपनियों के लाभ के लिए लिया जा रहा है।
- बुनकरों की आजीविका बचाने के लिए शोरूम को बंद करने के बजाय आधुनिक बनाने का सुझाव दिया गया है।
तमिलनाडु के प्रमुख राजनीतिक नेता और पीएमके (PMK) अध्यक्ष, डॉ. अंबुमणि रामदास ने राज्य सरकार के उस हालिया फैसले पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है, जिसमें को-ऑप्टेक्स (Co-optex) के 10 प्रमुख शोरूमों को बंद करने का आदेश दिया गया है। रामदास ने सरकार से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की है, क्योंकि यह कदम सीधे तौर पर तमिलनाडु के हजारों पारंपरिक बुनकरों के जीवन पर प्रहार करता है।
संकट में बुनकरों का भविष्य
डॉ. अंबुमणि ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि को-ऑप्टेक्स केवल एक व्यावसायिक इकाई नहीं है, बल्कि यह तमिलनाडु के हाथकरघा बुनकरों की आजीविका का आधार है। उन्होंने बताया कि कडलूर, सलेम, वेल्लोर और तिरुनेलवेली जैसे महत्वपूर्ण शहरों के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में भी संचालित होने वाले इन शोरूमों को बंद करना एक चिंताजनक संकेत है। उन्होंने कहा कि बिक्री में गिरावट और राजस्व की कमी का बहाना बनाकर शोरूम बंद करना गलत है; इसके बजाय संस्था को आधुनिक बाजार रणनीतियों के साथ पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।
को-ऑप्टेक्स का पतन केवल एक संस्था का अंत नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध बुनकर संस्कृति और हजारों परिवारों की आजीविका का अंत होगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और गिरावट का ग्राफ
को-ऑप्टेक्स की स्थापना 1935 में हुई थी और यह दशकों से सरकारी कर्मचारियों, मध्यम वर्ग और गरीबों की पहली पसंद रहा है। एक समय था जब को-ऑप्टेक्स का नेटवर्क पूरी दुनिया में फैला हुआ था।
| वर्ष | शोरूमों की संख्या | स्थिति |
|---|---|---|
| 2015-16 | 200 | विस्तार का दौर (भारत और विदेशों में) |
| 2025-26 | 150 | गिरावट का दौर |
| वर्तमान योजना | 140 (अनुमानित) | 10 और शोरूम बंद होने की आशंका |
रामदास ने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो 2035 में, जब को-ऑप्टेक्स अपनी शताब्दी मनाता है, तब तक यह संस्था पूरी तरह समाप्त हो सकती है।
BozokMedia विश्लेषण: राजनीतिक वादा बनाम वास्तविकता
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि वर्तमान सरकार (तवेक) ने अपने चुनावी घोषणापत्र में 'वेत्री थरी' (Vetri Thari) शोरूम खोलने और ई-कॉमर्स ब्रांड बनाने का वादा किया था। हालांकि, मौजूदा शोरूमों को बंद करना उनके वादों और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच एक बड़ा विरोधाभास पैदा करता है। यह कदम यह भी दर्शाता है कि कैसे सरकारी संस्थाएं निजी क्षेत्र के दबाव में कमजोर हो रही हैं।
Frequently Asked Questions
1. को-ऑप्टेक्स क्या है?
को-ऑप्टेक्स तमिलनाडु राज्य के हाथकरघा बुनकरों का सहकारी विपणन संघ है जो पारंपरिक वस्त्रों की बिक्री करता है।
2. डॉ. अंबुमणि की मुख्य मांग क्या है?
उनकी मुख्य मांग है कि सरकार 10 शोरूम बंद करने का फैसला रद्द करे और संस्था को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाए।