पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर मणिपुर में जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने की मांग उठाई है। उन्होंने राज्य में आर्थिक नाकाबंदी और अवैध प्रवासियों के कारण बिगड़ते जनसांख्यिकीय संतुलन जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा की।

  • मणिपुर में जनगणना से पहले NRC लागू करने की मांग तेज हो गई है।
  • पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
  • आर्थिक नाकाबंदी और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर भी चर्चा हुई।
  • राज्य में 926 अनधिकृत गांवों को मान्यता देने की मांग की गई।

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने मंगलवार को खुलासा किया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और राज्य की जनता की एक महत्वपूर्ण मांग को उनके समक्ष रखा। बीरेन सिंह के अनुसार, मणिपुर की जनता की स्पष्ट मांग है कि राज्य में किसी भी जनगणना गतिविधि को शुरू करने से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का क्रियान्वयन किया जाए।

सिंह ने बताया कि उनकी सरकार ने फरवरी 2023 में ही NRC के संबंध में कदम उठाए थे, लेकिन राज्य में जातीय संघर्ष शुरू होने के कारण प्रक्रिया बाधित हो गई। उन्होंने कहा, "लोग जनगणना के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनकी मांग है कि पहले NRC हो और उसके बाद ही जनगणना की जाए।" यह मांग मुख्य रूप से अवैध प्रवासियों की पहचान करने और राज्य के जनसांख्यिकीय संतुलन को बनाए रखने से जुड़ी है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि मणिपुर की वर्तमान स्थिति अत्यंत संवेदनशील है। मई 2023 से चल रहे जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। ऐसे में, जनगणना और NRC का मुद्दा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि गहरा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बन गया है। यदि NRC को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो राज्य में जनसांख्यिकीय परिवर्तन को लेकर असंतोष और बढ़ सकता है।

जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने के लिए NRC का कार्यान्वयन मणिपुर की स्थिरता के लिए एक अनिवार्य कदम प्रतीत होता है।

बैठक के दौरान, बीरेन सिंह ने राज्य में चल रही आर्थिक नाकाबंदी और जवाबी नाकाबंदी के मुद्दों को भी उठाया। इन नाकाबंदी के कारण आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो रही है और कीमतों में भारी उछाल आया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इन मुद्दों पर जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।

इसके अतिरिक्त, सिंह ने राज्य में मौजूद 926 अनधिकृत गांवों की पहचान और उन्हें आधिकारिक मान्यता देने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे हताशा में आकर बंद या हिंसा का सहारा न लें।

Historical Background

मणिपुर में जातीय संघर्ष मई 2023 में मेइतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच शुरू हुआ था, जिसने राज्य को गहरे संकट में डाल दिया है। इस संघर्ष ने न केवल जान-माल का नुकसान किया है, बल्कि नागरिक पहचान और भूमि अधिकारों को लेकर भी विवादों को जन्म दिया है, जिससे NRC की मांग और अधिक प्रबल हो गई है।

Did You Know?: मणिपुर में NRC की मांग का मुख्य कारण राज्य के जनसांख्यिकीय ढांचे में होने वाले बदलावों के प्रति स्थानीय समुदायों की चिंता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मणिपुर में NRC की मांग क्यों की जा रही है?
उत्तर: स्थानीय लोग अवैध प्रवासियों की पहचान करने और राज्य के जनसांख्यिकीय संतुलन को सुरक्षित करने के लिए जनगणना से पहले NRC की मांग कर रहे हैं।

प्रश्न 2: बीरेन सिंह ने अमित शाह से किन अन्य मुद्दों पर चर्चा की?
उत्तर: उन्होंने आर्थिक नाकाबंदी के कारण बढ़ती कीमतों और 926 अनधिकृत गांवों को मान्यता देने के विषय पर चर्चा की।