पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का आह्वान किया है। उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन पर समाज के किसी भी वर्ग को लाभ पहुंचाने में विफल रहने का आरोप लगाया।
- जगन मोहन रेड्डी ने स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का निर्देश दिया।
- उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान गठबंधन सरकार पिछले दो वर्षों में विफल रही है।
- YSRCP ने अपने कार्यकाल के दौरान ₹2.73 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों को हस्तांतरित करने का दावा किया।
- कानून व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार की आलोचना की गई।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए कमर कसने का निर्देश दिया। राजामहेंद्रवरम ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के पूर्व स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के साथ आयोजित एक बैठक में, जगन ने दावा किया कि सत्तारूढ़ टीडीपी (TDP) के नेतृत्व वाला गठबंधन सरकार जनता के बीच अपना समर्थन खो रहा है और लोगों में भारी असंतोष है।
जगन मोहन रेड्डी ने गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार किसी भी सामाजिक वर्ग के कल्याण के लिए कोई ठोस कदम उठाने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब उनके पांच साल के शासन की तुलना वर्तमान सरकार के कामकाज से कर रही है और वर्तमान स्थिति से बेहद नाखुश है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनाव आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकते हैं। यदि YSRCP इन चुनावों में मजबूत प्रदर्शन करती है, तो यह राज्य में सत्ता परिवर्तन की दिशा में एक बड़ी लहर पैदा कर सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि YSRCP ने अपने घोषणापत्र के 99% वादों को पूरा किया है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि बिना किसी बिचौलिए के ₹2.73 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे गए। उन्होंने 'नाडू-नेडू', अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा, डिजिटल क्लासरूम, और 'आरोग्यश्री' जैसी योजनाओं को अपनी सरकार की सफलता का आधार बताया।
जगन मोहन रेड्डी का यह आह्वान संकेत देता है कि YSRCP अब पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी है और वह जमीनी स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार है।
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए, जगन ने कहा कि 53% वर्षा की कमी के बीच सरकार किसानों की मदद करने के बजाय 'रैतु भरोसा केंद्रों' को कमजोर कर रही है। उन्होंने मुफ्त फसल बीमा वापस लेने और उचित मूल्य सुनिश्चित करने में विफलता का भी आरोप लगाया। इसके अलावा, छात्रों के लिए 'वसति दीвена' और शुल्क प्रतिपूर्ति में ₹12,400 करोड़ से अधिक के बकाया का मुद्दा भी उठाया गया।
कानून व्यवस्था के मोर्चे पर, उन्होंने पुलिस के राजनीतिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने राजामहेंद्रवरम में डॉ. प्रियंका की मृत्यु और अडंकी की घटना का हवाला देते हुए कहा कि सरकार अपने आलोचकों को दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि चुनाव के दौरान सरकार दबाव और प्रलोभन का उपयोग कर सकती है, लेकिन उन्हें अडिग रहना चाहिए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी का नेतृत्व करने वाली YSRCP ने पिछले पांच वर्षों में कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आंध्र प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में एक मजबूत आधार बनाया है। उनकी राजनीति का मुख्य केंद्र 'प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण' (DBT) और गांव स्तर पर प्रशासनिक विकेंद्रीकरण रहा है।
Frequently Asked Questions
1. जगन मोहन रेड्डी ने कार्यकर्ताओं को क्या निर्देश दिया है?
उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने और मजबूती से लड़ने का निर्देश दिया है।
2. YSRCP ने सरकार पर क्या मुख्य आरोप लगाए हैं?
मुख्य आरोपों में कल्याणकारी योजनाओं की विफलता, किसानों की अनदेखी, छात्रों के बकाया भुगतान में देरी और पुलिस का राजनीतिकरण शामिल है।