YSRCP ने आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग से मांग की है कि नगर निगमों और नगर पालिकाओं के चुनाव तब तक टाल दिए जाएं जब तक कि विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। पार्टी ने मतदाता सूची में भारी विसंगतियों का मुद्दा उठाया है।

  • YSRCP ने नगर निकाय चुनावों के लिए मतदाता सूची प्रकाशन को टालने की मांग की है।
  • पार्टी का दावा है कि वर्तमान ड्राफ्ट सूची में 44.89 लाख प्रविष्टियों में विसंगतियां हैं।
  • SIR प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव कराने से वास्तविक मतदाताओं के नाम कटने का डर है।

आंध्र प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी, Yuvajana Sramika Rythu Congress Party (YSRCP) ने राज्य चुनाव आयोग (SEC) के समक्ष एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व प्रस्तुत किया है। पार्टी ने मांग की है कि नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए चुनाव केवल तभी आयोजित किए जाएं जब चल रही विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया पूरी हो जाए और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो जाए।

YSRCP के राज्य महासचिव लेला अप्पी रेड्डी ने एक औपचारिक पत्र के माध्यम से चुनाव आयोग की वर्तमान कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने SEC के उस निर्देश का विरोध किया है जिसमें अधिकारियों को 1 जनवरी, 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए वार्ड-वार फोटो मतदाता सूची प्रकाशित करने को कहा गया है।

मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी का दावा

पार्टी ने साक्ष्यों के साथ तर्क दिया कि 31 जुलाई, 2026 को प्रकाशित विधानसभा के ड्राफ्ट मतदाता रोल में सभी 175 निर्वाचन क्षेत्रों में भारी विसंगतियां पाई गई हैं। YSRCP के अनुसार, लगभग 42 लाख प्रविष्टियों की गहन जांच की जा रही है और अब तक 44.89 लाख प्रविष्टियों को हटाया जा चुका है।

इन हटाए गए नामों में शामिल हैं:

  • लगभग 15.22 लाख मृत मतदाता
  • 7.37 लाख डुप्लिकेट या बहु-पंजीकृत मतदाता
  • अनट्रेसेबल या स्थानांतरित व्यक्ति

यदि नगर निकाय की सूची ड्राफ्ट डेटा पर आधारित होती है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुद्धता को खतरे में डाल सकती है।

कानूनी आधार और चिंताएं

YSRCP का तर्क है कि चूंकि SIR प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत अभी भी जारी है, इसलिए इस बीच नगर निकाय सूची को अंतिम रूप देना जोखिम भरा है। इससे उन वास्तविक मतदाताओं के नाम कट सकते हैं जिनके आवेदन अभी समीक्षा के अधीन हैं।

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि पार्टी ने आंध्र प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1965 की धारा 11 का हवाला देते हुए कानूनी मजबूती प्रदान की है, जो यह प्रावधान करती है कि नगर निकाय की मतदाता सूची अपडेटेड विधानसभा सूची से ही प्राप्त की जानी चाहिए।

Why This Matters

यह मुद्दा केवल एक प्रशासनिक देरी का नहीं है, बल्कि यह चुनावी अखंडता से जुड़ा है। यदि नगर निकाय चुनाव गलत मतदाता सूची के आधार पर होते हैं, तो यह भविष्य में बड़े पैमाने पर चुनावी विवादों और कानूनी चुनौतियों का कारण बन सकता है।

Did You Know?: मतदाता सूची का संशोधन एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि केवल पात्र नागरिक ही मतदान कर सकें।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: YSRCP किस प्रक्रिया के पूरा होने का इंतजार करने की मांग कर रही है?
उत्तर: YSRCP विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के पूरा होने और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की मांग कर रही है।

प्रश्न 2: मतदाता सूची में किस तरह की विसंगतियां पाई गई हैं?
उत्तर: विसंगतियों में मृत मतदाता, डुप्लिकेट पंजीकरण और स्थानांतरित लोग शामिल हैं।