केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशान ने महाबलीपुरम में आयोजित 31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में आयुष्मान भारत योजना के लिए राज्य-विशिष्ट प्रीमियम और तटीय खनन पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने मुल्लापेरियार बांध के लिए नए बांध के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा।
- आयुष्मान भारत योजना के लिए राज्यों को उनके वास्तविक खर्च के आधार पर वित्तीय सहायता देने की मांग।
- तटीय पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए ऑफशोर माइनिंग (तटीय खनन) पर तत्काल रोक लगाने का आग्रह।
- मुल्लापेरियार बांध के मुद्दे पर तमिलनाडु को पूरा पानी देने के वादे के साथ नए बांध का प्रस्ताव।
- तटीय कटाव को राज्य-विशिष्ट आपदा घोषित कर सहायता प्राप्त करने की मांग।
महाबलीपुरम में आयोजित 31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशान ने केंद्र सरकार के सामने वित्तीय संघवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए वर्तमान फंडिंग मॉडल राज्यों की वास्तविक जरूरतों और खर्चों को प्रतिबिंबित नहीं करता है।
आयुष्मान भारत और वित्तीय असमानता
सतीशान ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत एक समान राष्ट्रीय प्रीमियम के बजाय राज्य-विशिष्ट प्रीमियम तय करने की वकालत की। उन्होंने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि पिछले वर्ष केरल ने इस योजना के तहत 1,493 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण से केवल 151 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वित्तीय ढांचा केरल जैसे राज्यों के लिए अन्यायपूर्ण है।
वित्तीय ढांचा राज्यों के लिए असमान होता जा रहा है, जिसे तुरंत सुधारने की आवश्यकता है।
तटीय सुरक्षा और खनन पर चिंता
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए, मुख्यमंत्री ने केरल तट के साथ ऑफशोर माइनिंग (तटीय खनन) के लिए खनिज ब्लॉकों की नीलामी को रोकने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि रेत और महत्वपूर्ण खनिजों के समुद्र तटीय खनन से नाजुक तटीय पारिस्थितिकी तंत्र और स्थानीय मछली पकड़ने वाले समुदायों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि जब तक एक कठोर वैज्ञानिक मूल्यांकन और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार नहीं हो जाती, तब तक नीलामी पर रोक लगाई जाए।
मुल्लापेरियार बांध और बुनियादी ढांचा
मुल्लापेरियार बांध के पुराने और संवेदनशील मुद्दे पर, सतीशान ने एक समाधान पेश किया। उन्होंने एक नए बांध के निर्माण की मांग की और वादा किया कि इस नए बांध का 'संपूर्ण जल' तमिलनाडु को दिया जाएगा। यह कदम सुरक्षा और अंतर-राज्यीय सहयोग के बीच संतुलन बनाने का एक प्रयास है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, केरल का यह रुख भारत में सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है। राज्य अब केवल नीतिगत चर्चा तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वे केंद्र से प्रत्यक्ष वित्तीय सुधार और पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions
1. केरल आयुष्मान योजना के लिए क्या सुधार चाहता है?
केरल चाहता है कि प्रीमियम राष्ट्रीय स्तर पर एक समान होने के बजाय राज्य की जरूरतों के अनुसार हो और केंद्र सरकार वास्तविक खर्च के आधार पर अधिक धनराशि दे।
2. मुख्यमंत्री ने खनन के खिलाफ क्या तर्क दिया?
मुख्यमंत्री का तर्क है कि ऑफशोर माइनिंग से तटीय पारिस्थितिकी तंत्र और मछली पकड़ने वाले समुदायों को अपूरणीय क्षति हो सकती है।