31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कृष्णा नदी के जल अधिकारों की रक्षा और प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से समर्थन की मांग की है।
- तेलंगाना ने कृष्णा नदी के जल अधिकारों के कानूनी संरक्षण की मांग की है।
- कालेश्वरम और पलामूर-रंगारेड्डी सिंचाई परियोजनाओं के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता मांगी गई है।
- आंध्र प्रदेश के साथ लंबित मुद्दों को कानूनी तंत्र के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया गया।
चेन्नई, तमिलनाडु में आयोजित 31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद (Southern Zonal Council) की बैठक में तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने राज्य के हितों को मजबूती से उठाया। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अनुपस्थिति में बैठक में शामिल हुए विक्रमार्क ने स्पष्ट किया कि तेलंगाना कृष्णा नदी के पानी में किसी विशेष विशेषाधिकार की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि अपने वैध हक और कानूनी रूप से सुरक्षित अधिकारों की रक्षा चाहता है।
उपमुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कालेश्वरम (Kaleshwaram) और पलामूर-रंगारेड्डी (Palamuru-Rangareddy) लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य की कृषि और जल सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अंतरराज्यीय जल विवाद दक्षिण भारत की आर्थिक स्थिरता और कृषि उत्पादकता को सीधे प्रभावित करते हैं। कृष्णा नदी का जल बंटवारा न केवल तेलंगाना बल्कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों के लिए भी जीवन रेखा है। यदि इन विवादों का समाधान कानूनी और समयबद्ध तरीके से नहीं होता है, तो यह क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकता है।
"यदि दक्षिण भारत मिलकर विकास करता है, तो भारत और तेजी से आगे बढ़ेगा।" - मल्लू भट्टी विक्रमार्क
विक्रमार्क ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के तहत लंबित मुद्दों, विशेष रूप से अनुसूची IX और X से संबंधित मामलों के शीघ्र और नियम-आधारित समाधान का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच निवेश के लिए प्रतिस्पर्धा होना स्वाभाविक है, लेकिन जल सुरक्षा और ऊर्जा ग्रिड जैसे साझा चुनौतियों के लिए सहयोग अनिवार्य है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
2014 में तेलंगाना के गठन के बाद से ही कृष्णा और गोदावरी नदियों के जल बंटवारे को लेकर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच जटिल कानूनी और राजनीतिक संघर्ष जारी है। आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कई महत्वपूर्ण संपत्तियों और संसाधनों का बंटवारा अभी भी प्रक्रियाधीन है, जो अक्सर दोनों राज्यों के बीच तनाव का कारण बनता है।
Frequently Asked Questions
1. तेलंगाना किन विशेष सिंचाई परियोजनाओं के लिए सहायता मांग रहा है?
तेलंगाना मुख्य रूप से कालेश्वरम और पलामूर-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के लिए केंद्रीय समर्थन की मांग कर रहा है।
2. दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में कौन-कौन शामिल थे?
बैठक में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, तमिलनाडु, केरल और अन्य राज्यों के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल थे।