हुबली-धारवाड़ पूर्व के विधायक प्रसादा अब्बैया ने विधान सभा में महिलाओं के लिए एक नया सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज मंजूर करने की मांग की है। उन्होंने तकनीकी शिक्षा में बढ़ती मांग और सीटों की कमी का मुद्दा उठाया।

  • विधायक प्रसादा अब्बैया ने हुबली में महिलाओं के लिए समर्पित पॉलिटेक्निक कॉलेज की मांग की।
  • वर्तमान में सीटों की भारी कमी है; एक कॉलेज में 300 सीटों के लिए 650 से अधिक आवेदन आए।
  • सरकार ने मांग पर विचार करने के लिए डेटा एकत्र करने का आश्वासन दिया है।

कर्नाटक विधानसभा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए, हुबली-धारवाड़ पूर्व के विधायक और कर्नाटक स्लम डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष प्रसादा अब्बैया ने राज्य सरकार से हुबली में विशेष रूप से महिलाओं के लिए एक और सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज मंजूर करने का आग्रह किया। उन्होंने तर्क दिया कि कक्षा 10वीं के बाद तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने की इच्छुक छात्राओं की संख्या में भारी वृद्धि हो रही है।

अब्बैया ने विधान सभा में एक तारांकित प्रश्न के माध्यम से यह मुद्दा उठाया। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायराड्डी द्वारा प्रदान की गई जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए कर्नाटक में 109 सरकारी, 43 सहायता प्राप्त और 135 निजी पॉलिटेक्निक कॉलेज संचालित हैं। आंकड़ों के अनुसार, कुल 72,057 स्वीकृत सीटों में से केवल 46,136 सीटों पर ही प्रवेश मिला, जिससे 25,921 सीटें खाली रह गईं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तकनीकी शिक्षा में लैंगिक अंतराल को पाटना क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि छात्राओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा नहीं मिलती है, तो यह न केवल उनके करियर को प्रभावित करता है बल्कि महिला सशक्तिकरण के लक्ष्यों को भी पीछे धकेलता है।

विधायक ने बताया कि हुबली शहर में इस शैक्षणिक वर्ष में 9,923 छात्रों ने SSLC परीक्षा उत्तीर्ण की है, जिनमें 4,813 लड़कियां शामिल हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे उच्च और तकनीकी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।

तकनीकी शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना केवल एक शैक्षणिक आवश्यकता नहीं, बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में एक अनिवार्य कदम है।

सीटों की कमी का प्रमाण स्पष्ट है। हुबली में मौजूदा महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज, जिसकी क्षमता 300 सीटें है, के लिए 650 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इसी तरह, 250 सीटों वाले एक अन्य पॉलिटेक्निक कॉलेज के लिए लगभग 750 आवेदन मिले। अब्बैया ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सीटें उपलब्ध होने के बावजूद, माता-पिता अपनी बेटियों को दूर भेजने में संकोच करते हैं।

तकनीकी शिक्षा उपलब्धता: एक तुलनात्मक दृश्य

संस्थान का प्रकारकुल कॉलेज संख्याकुल स्वीकृत सीटें
सरकारी109-
सहायता प्राप्त43-
निजी135-

मंत्री रायराड्डी ने विधानसभा में आश्वासन दिया कि सरकार हुबली में पॉलिटेक्निक शिक्षा की मांग और वर्तमान में उपलब्ध सीटों पर व्यापक डेटा प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि इस मूल्यांकन के आधार पर नए कॉलेज को मंजूरी देने पर विचार किया जाएगा।

Did You Know?: कर्नाटक में तकनीकी शिक्षा के लिए निजी क्षेत्र का योगदान सरकारी संस्थानों की तुलना में काफी अधिक है।

Frequently Asked Questions

1. विधायक ने नया कॉलेज क्यों मांगा है?
छात्राओं की बढ़ती संख्या और स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा की कमी के कारण नया कॉलेज मांगा गया है।

2. सरकार की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
सरकार ने मांग की समीक्षा करने के लिए डेटा एकत्र करने का आश्वासन दिया है।