बिहार राष्ट्रसमिति (बीआरएस) के वरिष्ठ नेता बी. विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री रेवनथ रेड्डी से अनुरोध किया है कि 16 अगस्त को जारी किए गए GO 97 को वापस ले लिया जाए, जो पॉलिटेक्निक कॉलेजों को स्किल विश्वविद्यालय के तहत लाने का प्रावधान करता है। छात्रों ने पिछले दस दिनों से विरोध किया है, क्योंकि उन्हें निजीकरण और AICTE मान्यता के अभाव से डर है।

  • GO 97 पॉलिटेक्निक कॉलेजों को स्किल विश्वविद्यालय के अंतर्गत लाने का आदेश है।
  • बीआरएस के वरिष्ठ नेता बी. विनोद कुमार ने इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है।
  • पॉलिटेक्निक की स्वतंत्र पहचान और निजीकरण को लेकर छात्र और विशेषज्ञ चिंतित हैं।

GO 97 का पृष्ठभूमि

तेलंगाना सरकार ने 16 अगस्त को सरकारी आदेश (GO 97) जारी किया, जिसमें सभी पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कॉलेजों को नई स्थापित स्किल विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में लाया गया। इस कदम का लक्ष्य तकनीकी शिक्षा को एकीकृत कर राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त डिग्री प्रदान करना था।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

बीआरएस के पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ नेता बी. विनोद कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ए. रेवनथ रेड्डी से इस आदेश की पुनः समीक्षा करने को कहा। उन्होंने बताया कि पॉलिटेक्निक छात्रों ने पिछले दस दिनों से विरोध प्रदर्शन किया है और वे GO 97 के वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

स्किल विश्वविद्यालय का अधिनियम

स्किल विश्वविद्यालय की स्थापना के अधिनियम में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विश्वविद्यालय का मुख्य कार्य डिग्री (प्रमाणपत्र) जारी करना है, लेकिन इसमें ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) का कोई मान्यता नहीं है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय को निजी-सार्वजनिक भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा, जिससे पॉलिटेक्निक छात्रों को निजीकरण का डर है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पॉलिटेक्निक कॉलेजों की प्रणाली भारत की स्वतंत्रता से पहले स्थापित हुई थी और फिर जवाहरलाल नेहरू सरकार द्वारा और सुदृढ़ की गई। इन संस्थानों ने भारतीय तकनीकी कार्यबल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बीआरएस की मांगें

बी. विनोद कुमार ने सरकार से अलग-अलग इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने की अपील की, ताकि पॉलिटेक्निक छात्रों को सीधे इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (ECET) के माध्यम से इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश मिल सके। यह प्रस्ताव प्रचलित निजीकरण मॉडल के विकल्प के रूप में पेश किया गया।

राजनीतिक एवं सामाजिक प्रभाव

तेलंगाना में इस निर्णय से राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। बीआरएस की इस मांग को अनदेखा करने पर भविष्य में बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन और विरोध का जोखिम है, जिससे राज्य की शिक्षा नीति पर गहरा असर पड़ सकता है।

शिक्षा विशेषज्ञों की राय

शिक्षा नीति विश्लेषक डॉ. मीरा शर्मा ने कहा, "AICTE की मान्यता के बिना पॉलिटेक्निक को विश्वविद्यालय में शामिल करना तकनीकी मानकों को कमज़ोर कर सकता है।"

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the merger could set a precedent for other Indian states to bypass AICTE oversight, potentially reshaping technical education nationwide.

Education policy analyst Dr. Meera Sharma says, "Merging polytechnics without AICTE oversight risks diluting technical standards."
Did You Know?: The first polytechnic in Telangana was established in 1946, predating India's independence.

Frequently Asked Questions

Q1: What is GO 97?
A: GO 97 is a government order issued on August 16, 2026, mandating that all polytechnic colleges in Telangana be placed under the newly formed Skill University.

Q2: How will the merger affect current polytechnic students?
A: Students fear loss of AICTE recognition, increased tuition under the PPP model, and reduced autonomy in curriculum design.