संघीय समिति के समक्ष कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' विधेयक को असंवैधानिक और लोकतंत्र के लिए खतरा घोषित किया। उन्होंने इस प्रस्ताव को संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन बताया और सरकार के पास इसे पारित करने का बहुमत नहीं है।

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  • वन नेशन, वन इलेक्शन बिल को असंवैधानिक कहा गया
  • चिदंबरम ने संविधान के मूल सिद्धांतों की रक्षा का आग्रह किया
  • सरकार के पास इस विधेयक को पास करने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं है

परिचय

संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के सामने कांग्रेस वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने वन नेशन, वन इलेक्शन बिल का दृढ़ विरोध किया। उन्होंने इस प्रस्ताव को "Monstrous" और "असंवैधानिक" कहा, यह तर्क देते हुए कि यह भारत के संघीय ढाँचे को कमजोर करेगा।

विधेयक का उद्देश्य

विधेयक संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 के तहत लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ करने की योजना पेश करता है। समर्थकों का कहना है कि इससे प्रशासनिक खर्च घटेगा और विकासात्मक कार्यों में निरंतरता आएगी।

चिदंबरम का मुख्य तर्क

चिदंबरम ने कहा कि प्रत्येक विधानमंडल को पाँच साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है; इस अवधि को बीच में छोटा करना सीधे तौर पर संविधान के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास इस विधेयक को पारित करने के लिए दो‑तिहाई बहुमत नहीं है, इसलिए यह प्रस्ताव असफल रहेगा।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

1951 से 1967 तक भारत में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ आयोजित होते थे। 1968‑69 में कुछ राज्यों के चुनाव समय से पहले भंग होने के कारण यह प्रथा समाप्त हुई, और तब से अलग‑अलग समय पर चुनाव कराने की व्यवस्था बनी हुई है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that a forced synchronization of national and state elections could reshape power dynamics between the centre and states, potentially eroding federal autonomy and triggering legal challenges that may reach the Supreme Court.

"Combining Lok Sabha and state elections undermines federalism and could set a dangerous precedent for future governance," says constitutional expert Dr. Ananya Rao.
Did You Know?: The last simultaneous elections in India were held more than five decades ago, in 1967.

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: वन नेशन, वन इलेक्शन बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: यह बिल राष्ट्रीय और राज्य स्तर के चुनावों को एक साथ करके लागत घटाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।

प्रश्न 2: विरोधी क्यों कहते हैं कि यह असंवैधानिक है?

उत्तर: विरोधी तर्क देते हैं कि अलग‑अलग कार्यकाल वाले विधायकों को बीच में हटाना संविधान के संघीय सिद्धांतों और लोकतांत्रिक स्थिरता के विरुद्ध है।