इलेक्शन कमिशन ऑफ़ इंडिया (ECI) के विशेष पुनरावृत्ति (SIR) में कई राज्यों में फॉर्म‑7 के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की रिपोर्टें सामने आई हैं। वोटरों को अनजाने में नाम हटाने की प्रक्रिया से बचाने के लिए त्वरित नियामक कदमों की मांग बढ़ रही है।

  • राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फॉर्म‑7 के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की पुष्टि।
  • वोटर अक्सर नहीं जानते कि उनके नाम हटाने की आवेदन दायर हो चुकी हैं।
  • ECI को एक राष्ट्रीय मानक प्रक्रिया लागू करनी चाहिए ताकि ऐसे दुरुपयोग रोके जा सकें।

स्थिति का विवरण

इलेक्शन कमिशन ऑफ़ इंडिया (ECI) ने विशेष तीव्र पुनरावृत्ति (SIR) के दौरान फॉर्म‑7 के बड़े पैमाने पर दायर होने की शिकायतें प्राप्त कीं। राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हाल ही में उत्तराखंड में रिपोर्टेड मामलों में, कई बार सैकड़ों आपत्तियां एक ही व्यक्ति के नाम से दायर की गईं। फॉर्म‑7 का प्रयोग चुनावी सूची में मौजूद नाम को हटाने या संशोधित करने के लिए किया जाता है, जैसे मृत्यु, स्थानांतरण या अयोग्यता के कारण।

नियमों में ख़ामियां

बूथ लेवल अधिकारी (BLA) प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म‑7 दायर कर सकते हैं, जबकि एक ही निर्वाचन क्षेत्र के पंजीकृत वोटर द्वारा दायर किए जाने वाले फॉर्म की कोई सीमा नहीं है। इस अंतर ने दुरुपयोग की राह आसान बना दी। ECI ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति पाँच से अधिक आपत्तियां दायर करता है, तो एलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) को अनिवार्य रूप से समीक्षा करनी होगी, पर यह अभी भी पर्याप्त नहीं माना जा रहा है।

राजनीतिक पक्षों की प्रतिक्रियाएं

विरोधी दलों ने आरोप लगाया कि यह प्रथा "प्रणालीगत और समन्वित" प्रयासों से हो रही है, जिससे योग्य वोटरों के नाम हटाकर भाजपा को अनुचित लाभ मिल रहा है। उत्तराखंड में कांग्रेस ने कहा कि ऑनलाइन फॉर्म‑7 के बड़े पैमाने पर दायर होने की प्रक्रिया में "संस्थागत" पहुंच का संकेत मिलता है।

एककफॉर्म‑7 की सीमा
बूथ लेवल एजेंट (BLA)प्रति दिन अधिकतम 10
वोटर (एक ही निर्वाचन क्षेत्र)कोई सीमा नहीं

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that unchecked bulk deletions can erode public confidence in the electoral system, potentially skewing election outcomes and undermining democratic legitimacy across India.

"यदि वोटर नामों को बिना उचित जांच के हटाया जाता है, तो यह लोकतंत्र की नींव को हिला सकता है," बतलाते हैं चुनाव विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह।
Did You Know?: 2024 के राष्ट्रीय मतदाता सर्वे में 12% वोटरों ने कहा कि उन्हें अपने नाम के हटाए जाने की कभी सूचना नहीं मिली।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: फॉर्म‑7 दायर करने की प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल है?

उत्तर: बूथ लेवल अधिकारी, एलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारी और पंजीकृत वोटर, सभी इस प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं, पर वीओ के पास उचित जांच का दायित्व है।

प्रश्न 2: ECI ने अब तक कौन से कदम उठाए हैं?

उत्तर: ECI ने पाँच से अधिक आपत्तियों पर अनिवार्य समीक्षा का प्रावधान किया है, लेकिन व्यापक SOP और पहचान सत्यापन के बिना यह पर्याप्त नहीं माना जा रहा है।