तमिलनाडु के बीजेडपी राज्य अध्यक्ष नैनार नगेत्रण ने परंदुर हवाईअड्डा परियोजना को बिना वैकल्पिक स्थल चुने रद्द करने की सरकार की नीति को कठोर शब्दों में उजागर किया। उन्होंने इस कदम को राज्य के विकास को राजनीतिक कारणों से जोखिम में डालने वाला बताया।

  • परंदुर हवाईअड्डा परियोजना बिना वैकल्पिक स्थल के रद्द की गई
  • लगभग 1,700 एकड़ भूमि का भविष्य अनिश्चित
  • राजनीतिक कारणों से विकास में संभावित 10‑वर्ष की देरी

बीजेडपी तमिलनाडु राज्य अध्यक्ष नैनार नगेत्रण ने सोमवार को सोशल मीडिया पर टी.वी.के.‑नेतृत्व वाली सरकार के परंदुर हवाईअड्डा परियोजना को रद्द करने के फैसले को ‘राजनीतिक कारणों से विकास को जोखिम में डालना’ कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने वैकल्पिक स्थल चुनने या केंद्र सरकार को नई प्रस्तावित जगह के साथ संपर्क करने से क्यों बचा।

नगेत्रण ने बताया कि परंदुर को चेन्नई के आसपास किए गए विस्तृत अध्ययन के बाद यात्री ट्रैफ़िक, मिट्टी की स्थिति, मांग और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर चुना गया था। नई साइट की खोज में समय, पैसा और संसाधनों की बर्बादी होगी, यह उनका मानना था।

परंदुर हवाईअड्डा परियोजना को रद्द करने पर के.एम. स्टालिन ने इसे “अवापनीय नुकसान” कहा, जबकि अननमलई ने चेताया कि नई साइट खोजने में देरी तमिलनाडु के विकास को दस साल तक पीछे धकेल सकती है।

नगेत्रण ने यह भी उजागर किया कि लगभग 1,700 एकड़ भूमि पहले ही अधिग्रहित हो चुकी है। उन्होंने पूछा कि सरकार उस जमीन का उपयोग कैसे करेगी और वह भू-स्वामियों को कैसे मुआवजा देगी, जिन्होंने पहले ही रियायतें प्राप्त कर ली थीं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that delaying a major infrastructure project like Parandur airport not only hampers regional connectivity but also sends a chilling signal to investors about policy volatility in Tamil Nadu.

“इन्फ्रास्ट्रक्चर की अनिश्चितता निवेशकों को दूर कर देती है और राज्य की आर्थिक वृद्धि को रोक देती है,” कहते हैं सिविल इंजीनियरिंग विशेषज्ञ डॉ. रवींद्रन.
Did You Know?: परंदुर साइट को 2022 में भारत सरकार द्वारा ‘स्मार्ट सिटी’ पहल के तहत प्राथमिकता प्राप्त स्थानों में सूचीबद्ध किया गया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या नई हवाईअड्डा साइट के लिए कोई संभावित स्थान पहले से ही विचाराधीन है?

उत्तर: अभी तक कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं आया है; सरकार को तकनीकी और पर्यावरणीय मूल्यांकन करना होगा।

प्रश्न 2: अधिग्रहित भूमि के मालिकों को कौन‑सी मुआवजा योजना प्रदान की जाएगी?

उत्तर: केंद्र और राज्य ने अभी तक पुनर्वास एवं पुनर्वित्तीय योजना का विवरण जारी नहीं किया है।