परंदूर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना को रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद, किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मुलाकात की। कृतज्ञता के रूप में, एकानपुरम गांव के निवासियों ने एक सड़क का नाम 'सी. जोसेफ विजय रोड' रखने का निर्णय लिया है।
- परंदूर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया गया है।
- किसानों के आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात कर उनके वादे को पूरा करने के लिए धन्यवाद दिया।
- एकानपुरम गांव के लोगों ने आभार के रूप में एक गली का नाम 'सी. जोसेफ विजय रोड' रखने का फैसला किया है।
- आंदोलनकारियों का दावा है कि परियोजना से 1,110 साल पुराने कंबन नहर और हजारों एकड़ कृषि भूमि को नुकसान होता।
चेन्नई के सचिवालय में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई, जब परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विपक्षी संयुक्त आंदोलन के सदस्यों ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से भेंट की। यह मुलाकात उस ऐतिहासिक निर्णय के बाद हुई है जिसमें राज्य सरकार ने विवादास्पद परंदूर हवाई अड्डा परियोजना को पूरी तरह से रद्द करने की घोषणा की है।
आंदोलन के अध्यक्ष जी. सुब्रमण्यम और सचिव एस.टी. काधिरेशन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के साथ इस निर्णय का स्वागत किया। सुब्रमण्यम ने मीडिया को बताया कि किसान पिछले पांच वर्षों से इस परियोजना के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले प्रशासन के दौरान भौगोलिक अनुपयुक्तता के बावजूद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया था, जो स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए घातक होता।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निर्णय केवल एक बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट का रद्द होना नहीं है, बल्कि यह कृषि प्रधान समुदायों और राजनीतिक वादों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। परंदूर परियोजना के रद्द होने से न केवल हजारों किसानों की आजीविका सुरक्षित हुई है, बल्कि यह भी स्पष्ट हो गया है कि विकास के नाम पर पर्यावरण और ऐतिहासिक विरासत की बलि नहीं दी जा सकती।
प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यदि यह परियोजना लागू होती, तो 1,110 साल पुरानी ऐतिहासिक कंबन नहर और हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि और आर्द्रभूमि (wetlands) पूरी तरह नष्ट हो जाते। यह क्षेत्र की खाद्य सुरक्षा और पारिस्थितिक संतुलन के लिए एक बड़ा खतरा था।
परंदूर हवाई अड्डा परियोजना का रद्द होना किसानों की जीत और राजनीतिक वादों की विश्वसनीयता का एक बड़ा प्रमाण है।
किसानों ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री विजय ने जनवरी पिछले साल टीवीके (TVK) अध्यक्ष के रूप में परंदूर का दौरा किया था और वादा किया था कि सत्ता में आने पर वे इस परियोजना को रद्द कर देंगे। उन्होंने अपने वादे को निभाया है, जिससे जनता के बीच उनकी छवि और मजबूत हुई है।
कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए, एकानपुरम गांव के निवासियों ने एक भावुक निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने अपने गांव की एक गली का नाम 'सी. जोसेफ विजय रोड' रखने का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही, आंदोलनकारियों ने विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे उन दावों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि हवाई अड्डा रद्द होने से राज्य की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: परंदूर हवाई अड्डा परियोजना क्यों विवादित थी?
उत्तर: यह परियोजना हजारों एकड़ कृषि भूमि, आर्द्रभूमि और 1,110 साल पुरानी ऐतिहासिक कंबन नहर को नष्ट कर सकती थी, जिससे स्थानीय किसानों की आजीविका खतरे में थी।
प्रश्न 2: किसानों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार कैसे व्यक्त किया?
उत्तर: किसानों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और एकानपुरम गांव में एक सड़क का नाम 'सी. जोसेफ विजय रोड' रखने का निर्णय लिया।