विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की गई है, जिसमें 47.7 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। पात्र नागरिक 30 सितंबर तक अपना नाम जांच सकते हैं और दावा पेश कर सकते हैं।
- 1.45 करोड़ कुल मतदाताओं में से 47.7 लाख मतदाताओं को मसौदा सूची से बाहर किया गया।
- विशेष गहन संशोधन (SIR) 20 जून से 17 अगस्त, 2026 तक चलाया गया।
- नाम जोड़ने के लिए दावा (फॉर्म 6) दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर, 2026 है।
- अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर, 2026 को प्रकाशित होगी।
चुनाव आयोग ने 31 अगस्त, 2026 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की है। यह प्रकाशन 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के पूरा होने के बाद किया गया है, जो मतदाता सूची को शुद्ध करने और पुराने प्रविष्टियों को हटाने के लिए एक घर-घर सर्वेक्षण अभियान था। यह प्रक्रिया 20 जून को शुरू हुई और 17 अगस्त को समाप्त हुई।
दिल्ली के लगभग 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 47.7 लाख मतदाताओं को मसौदा सूची से बाहर कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन नामों को हटाने के मुख्य कारणों में मतदाताओं का निवास स्थान बदलना, मृत्यु, डुप्लिकेट प्रविष्टियां या 'अनकलेक्टिबल' (संपर्क न हो पाना) श्रेणी में होना शामिल है। हालांकि, आयोग ने उन लोगों के लिए पुन: शामिल होने की व्यवस्था की है जिनके नाम गलती से कट गए हैं।
अपना नाम कैसे जांचें?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाया है। नागरिक तीन तरीकों से अपना नाम देख सकते हैं:
- EPIC के माध्यम से खोजें: अपना वोटर आईडी (EPIC) नंबर दर्ज करें और राज्य में दिल्ली चुनें।
- विवरण के माध्यम से खोजें: अपना नाम, रिश्तेदार का नाम, जन्म तिथि, लिंग और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र दर्ज करें।
- मोबाइल के माध्यम से खोजें: अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग करके अपनी प्रविष्टि खोजें।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, लगभग 48 लाख मतदाताओं का एक साथ बाहर होना एक बड़ी प्रशासनिक घटना है। यदि नाम जोड़ने की प्रक्रिया पारदर्शी और सरल नहीं रही, तो इससे बड़े पैमाने पर असंतोष पैदा हो सकता है। लोकतांत्रिक चुनावों की शुचिता के लिए मतदाता सूची का सटीक होना अनिवार्य है, लेकिन इस स्तर का संशोधन दिल्ली के जनसांख्यिकीय रिकॉर्ड में बड़े बदलाव का संकेत देता है।
"विशेष गहन संशोधन लोकतंत्र के लिए एक आवश्यक स्वच्छता अभियान है, जो यह सुनिश्चित करता है कि केवल वास्तविक निवासी ही मतदान प्रक्रिया में भाग लें।"
नाम दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया
यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो उन्हें 'दावा और आपत्ति' प्रक्रिया का पालन करना होगा। इसके लिए सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने पुराने पंजीकरण विवरणों की जांच करनी होगी। यदि नाम नहीं मिलता है, तो ECI की वेबसाइट पर साइन-अप करके फॉर्म 6 (नया मतदाता पंजीकरण) भरना होगा।
दावे के सत्यापन के लिए सहायक दस्तावेज अनिवार्य हैं। पहचान प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, पासपोर्ट या पैन कार्ड और पते के प्रमाण के रूप में हालिया बिजली बिल, पानी का बिल या बैंक पासबुक देनी होगी। इसके अलावा, वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: यदि मेरा नाम गायब है तो दावा करने की अंतिम तिथि क्या है?
मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए फॉर्म 6 जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर, 2026 है।
प्रश्न 2: अंतिम मतदाता सूची कब उपलब्ध होगी?
अंतिम और सत्यापित मतदाता सूची 4 नवंबर, 2026 को प्रकाशित होने वाली है।