पुडुचेरी विधानसभा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 14,300 करोड़ रुपये के बजट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। मुख्यमंत्री एन. रंगसामी ने नए विधानसभा भवन के निर्माण और केंद्र शासित प्रदेश के लिए राज्य के दर्जे की मांग पर जोर दिया है।
- पुडुचेरी विधानसभा ने ₹14,300 करोड़ के बजट और विनियोग विधेयक 2026 को पारित किया।
- मुख्यमंत्री रंगसामी ने नए विधानसभा भवन के निर्माण का वादा किया।
- कर्नाटक के मेकेदातु बांध परियोजना के खिलाफ सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित।
- केंद्र शासित प्रदेश के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे की निरंतर मांग।
पुडुचेरी की विधायी विधानसभा ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹14,300 करोड़ के व्यापक बजट को मंजूरी दे दी। अनुदान की मांगों पर मंत्रियों के जवाब के बाद, मुख्यमंत्री एन. रंगसामी ने विनियोग विधेयक, 2026 पेश किया, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस मंजूरी के साथ ही सरकार को अब खजाने से धन निकालने और विकास कार्यों पर खर्च करने का कानूनी अधिकार मिल गया है।
विधेयक पेश करने से पहले अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि AINRC-BJP गठबंधन जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सदन में मौजूद सदस्यों को आश्वस्त किया कि बजट में किए गए सभी वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से राज्य के दर्जे (Statehood) के मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार पुडुचेरी को पूर्ण राज्य बनाने के लिए केंद्र के साथ निरंतर प्रयास करती रहेगी।
नया विधानसभा भवन और बुनियादी ढांचा
एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री रंगसामी ने कहा कि सरकार पुडुचेरी के लिए एक नए और आधुनिक विधानसभा भवन के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हालांकि अभी तक भवन के सटीक स्थान का निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष निर्माण कार्य निश्चित रूप से शुरू कर दिया जाएगा। यह कदम प्रशासनिक दक्षता और विधायी कार्यों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध
सदन में एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, कर्नाटक द्वारा कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना के खिलाफ एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया गया। मुख्यमंत्री रंगसामी द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि वह इस परियोजना को कोई मंजूरी न दे। सरकार का तर्क है कि इस बांध के निर्माण से पुडुचेरी के कराइकल क्षेत्र के किसानों के हितों को भारी नुकसान होगा, क्योंकि यह क्षेत्र तमिलनाडु के डेल्टा जिलों के करीब है और पानी की उपलब्धता पर निर्भर है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह बजट न केवल वित्तीय आवंटन के बारे में है, बल्कि यह पुडुचेरी की राजनीतिक आकांक्षाओं को भी दर्शाता है। राज्य के दर्जे की मांग और मेकेदातु बांध का विरोध यह संकेत देता है कि स्थानीय सरकार क्षेत्रीय पहचान और संसाधनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। साथ ही, नए विधानसभा भवन का निर्माण प्रतीकात्मक रूप से केंद्र शासित प्रदेश की बढ़ती प्रशासनिक स्वायत्तता को प्रदर्शित करता है।
"पुडुचेरी का यह बजट बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्रीय जल अधिकारों के बीच एक कठिन संतुलन बनाने की कोशिश है।"
सदन की कार्यवाही के समापन पर, कार्यवाहक अध्यक्ष ए. अनबलगन ने उन सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उन्हें अध्यक्ष के रूप में देखने की इच्छा जताई थी। इसमें विपक्षी नेता ए.एम.एच. नज़ीम और विभिन्न दलों के विधायक शामिल थे। इसके बाद विधानसभा की बैठक को अनिश्चित काल (sine die) के लिए स्थगित कर दिया गया।
Frequently Asked Questions
1. पुडुचेरी बजट 2026-27 की कुल राशि कितनी है?
पुडुचेरी विधानसभा द्वारा पारित बजट की कुल राशि ₹14,300 करोड़ है।
2. मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध क्यों किया जा रहा है?
क्योंकि इस बांध के निर्माण से कराइकल क्षेत्र के किसानों के लिए पानी की कमी होने की आशंका है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है।