तमिलनाडु विधानसभा में TASMAC दुकानों पर शराब की बोतलों पर लिए जा रहे अतिरिक्त ₹10 शुल्क को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच भारी हंगामा हुआ। मंत्री के. विग्नेश ने इस वसूली के लिए पिछले शासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।

  • TASMAC दुकानों पर शराब की बोतलों पर ₹10 की अतिरिक्त वसूली का मुद्दा विधानसभा में गूंजा।
  • मंत्री के. विग्नेश ने दावा किया कि कर्मचारियों के कम वेतन और दुकानों के रखरखाव के अभाव के कारण यह वसूली हो रही थी।
  • DMK ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक दुष्प्रचार करार दिया।
  • सरकार द्वारा मेथनॉल नियंत्रण नीति और ई-कलाल (e-Kalaal) ऐप लाने की घोषणा की गई।

तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया जब TASMAC शराब दुकानों पर ग्राहकों से ली जा रही ₹10 की अतिरिक्त राशि का मुद्दा उठा। निषेध और उत्पाद शुल्क मंत्री के. विग्नेश ने सदन में स्वीकार किया कि यह वसूली हो रही है, लेकिन उन्होंने इसका दोष पिछले DMK शासन और प्रशासनिक विफलताओं पर मढ़ दिया।

मंत्री विग्नेश ने तर्क दिया कि TASMAC दुकानों के कर्मचारियों को वर्षों से कम वेतन दिया जा रहा है और बिजली बिल या दुकानों के रखरखाव के लिए कोई फंड आवंटित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी महीने के ₹11,000 कमाते हैं, उनके लिए दुकान चलाने का मासिक खर्च (लगभग ₹10,000) वहन करना असंभव था, जिसके कारण उन्हें यह अतिरिक्त राशि वसूलने पर मजबूर होना पड़ा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this conflict is not merely about ten rupees, but a larger battle over institutional corruption and systemic failure in Tamil Nadu's liquor distribution model. The shift in blame from administrative officials to political leadership indicates a deepening rift between TVK and DMK ahead of future electoral contests.

विपक्ष के उपनेता के.एन. नेहरू (DMK) ने इस तर्क का विरोध करते हुए कहा कि यदि मंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं कि रखरखाव के लिए पैसा लिया गया, तो यह भ्रष्टाचार है। वहीं, कानून मंत्री सी.टी.आर. निर्मल कुमार ने इस मुद्दे को और बड़ा बनाते हुए कहा कि यदि यह 10% की वसूली है, तो ₹50,000 करोड़ के टर्नओवर पर यह राशि ₹5,000 करोड़ तक पहुँच सकती है, जो एक बहुत बड़ी रकम है।

"The systemic failure to fund basic operational costs of state-run outlets often leads to localized 'informal taxes' that eventually snowball into massive corruption scandals."

DMK विधायक और पूर्व मंत्री ई.वी. वेलु ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल DMK को भ्रष्ट दिखाने का एक प्रयास है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि भ्रष्टाचार हुआ है, तो सरकार कानूनी कार्रवाई करे और अदालतों को फैसला करने दे, न कि विधानसभा में समय बर्बाद किया जाए।

बहस के बीच, सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण प्रशासनिक घोषणाएं भी कीं। मंत्री विग्नेश ने बताया कि ₹1.69 करोड़ की लागत से एक 'ई-कलाल' (e-Kalaal) एप्लिकेशन विकसित किया जाएगा, जो लाइसेंस नवीनीकरण और विदेशी शराब आयात प्रक्रियाओं को डिजिटल करेगा। साथ ही, जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के लिए एक नई मेथनॉल नियंत्रण नीति लागू की जाएगी।

क्या आप जानते हैं?: TASMAC (Tamil Nadu State Marketing Corporation) तमिलनाडु में शराब की बिक्री पर पूर्ण सरकारी एकाधिकार रखता है, जिससे राज्य को भारी राजस्व प्राप्त होता है।

Frequently Asked Questions

1. TASMAC दुकानों पर अतिरिक्त ₹10 क्यों लिए जा रहे थे?
मंत्री के अनुसार, यह राशि दुकानों के रखरखाव, बिजली बिलों और कर्मचारियों की कम आय की भरपाई के लिए ली जा रही थी।

2. ई-कलाल (e-Kalaal) ऐप का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य शराब लाइसेंस के नवीनीकरण, स्थानांतरण और आयात प्रक्रियाओं को पारदर्शी और डिजिटल बनाना है।