आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र में 1.67 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने पारदर्शिता की मांग करते हुए हटाए गए नामों का विवरण मांगा है।

  • बुराड़ी में दिल्ली के सभी 70 निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे अधिक 1,67,885 नाम हटाए गए हैं।
  • AAP का आरोप है कि प्रवासी श्रमिकों और किराएदारों के वोट जानबूझकर काटे गए हैं।
  • तुगलकाबाद में प्रतिशत के आधार पर सबसे अधिक 47.8% नाम हटाए गए हैं।
  • चुनाव आयोग ने हटाए गए नामों का विवरण साझा करने से इनकार कर दिया है।

दिल्ली में विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची ने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली के बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 1.67 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जो दिल्ली के सभी 70 निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे अधिक है।

AAP के बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 39.4% वोट हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा, "पहले यहाँ 4,26,451 मतदाता थे, लेकिन अब केवल 2,52,189 ही बचे हैं। इसका मतलब है कि लगभग 1,67,885 लोगों के नाम काट दिए गए हैं।" झा ने आरोप लगाया कि इसमें बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों, किरायेदारों और उन लोगों के वोट शामिल हैं जो अक्सर अपना निवास स्थान बदलते रहते हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि मतदाता सूची में इस तरह के बड़े पैमाने पर बदलाव चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। यदि बड़ी संख्या में एक विशेष जनसांख्यिकीय समूह (जैसे प्रवासी श्रमिक) के नाम हटा दिए जाते हैं, तो यह आगामी चुनावों में उनके प्रतिनिधित्व को सीधे प्रभावित कर सकता है।

"चुनाव आयोग को उन लोगों का डेटा साझा करना चाहिए जिनके नाम हटाए गए हैं, ताकि राजनीतिक दल इसकी सत्यता की जांच कर सकें और प्रभावित नागरिकों को दोबारा पंजीकरण करने में मदद मिल सके।"

पार्टी ने यह भी दावा किया कि बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) कई क्षेत्रों में ठीक से काम नहीं कर रहे थे। AAP दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि उन्होंने बार-बार आयोग से लिखित रूप में मांग की है कि हटाए गए लोगों के नाम, फोन नंबर और पते साझा किए जाएं, लेकिन आयोग ने अब तक कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केवल बुराड़ी ही नहीं, बल्कि ओखला (1,63,829), बदरपुर (1,46,673) और विकास्पीरी (1,46,225) में भी भारी संख्या में नाम हटाए गए हैं। हालांकि, प्रतिशत के मामले में तुगलकाबाद सबसे आगे है, जहाँ 47.8% नाम हटाए गए हैं।

Deletions Comparison (Absolute Numbers)

निर्वाचन क्षेत्रहटाए गए नामों की संख्या
बुराड़ी1,67,885
ओखला1,63,829
बदरपुर1,46,673
विकास्पीरी1,46,225
Did You Know?: मतदाता सूची का विशेष गहन संशोधन (SIR) यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि केवल पात्र नागरिक ही पंजीकृत हों, लेकिन प्रक्रिया में त्रुटि होने पर लाखों लोग मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: AAP का मुख्य आरोप क्या है?
उत्तर: AAP का आरोप है कि चुनाव आयोग ने पारदर्शिता की कमी दिखाते हुए बुराड़ी में लाखों मतदाताओं के नाम हटा दिए हैं और उनका डेटा साझा करने से इनकार कर दिया है।

प्रश्न 2: किस क्षेत्र में सबसे अधिक प्रतिशत में नाम हटाए गए हैं?
उत्तर: तुगलकाबाद में सबसे अधिक 47.8% मतदाता सूची से नाम हटाए गए हैं।