मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ग्रामीण जल आपूर्ति के लिए ₹4,054 करोड़ और तंबाकू किसानों को सहायता के लिए ₹94 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही बिजली क्षेत्र और बाढ़ राहत कार्यों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
- ग्रामीण जल आपूर्ति के लिए ₹4,053 करोड़ का पुनर्गठन और मंजूरी।
- तंबाकू किसानों को ₹10 प्रति किलोग्राम की मूल्य कमी सहायता।
- APTRANSCO के ऋण के लिए ₹950 करोड़ की सरकारी गारंटी।
- बाढ़ प्रभावित जिलों में ₹6.24 लाख के बहाली कार्य।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में राज्य कैबिनेट ने गुरुवार को विकास कार्यों की एक विस्तृत श्रृंखला को मंजूरी दी। इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ₹4,054 करोड़ का निवेश है। यह निर्णय 'हर घर जल' लक्ष्य को तेजी से प्राप्त करने के लिए उठाया गया एक रणनीतिक कदम है।
जल जीवन मिशन 2.0 का विस्तार
कैबिनेट ने जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत 13,252 ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यों के पुनर्गठन और युक्तिकरण को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत, 13,247 एकल ग्राम योजनाओं को 7,439 योजनाओं में समेकित किया जाएगा, जिसकी लागत ₹3,046 करोड़ होगी। इसके अतिरिक्त, ₹1,007 करोड़ की लागत वाली पांच बहु-ग्राम योजनाओं से 334 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।
किसानों के लिए राहत पैकेज
कृषि क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए, कैबिनेट ने तंबाकू उत्पादकों के लिए ₹94 करोड़ के मूल्य कमी समर्थन (Price Deficiency Support) को मंजूरी दी है। AP MARKFED के माध्यम से, किसानों को 2026 के सीजन के दौरान कम गुणवत्ता वाले तंबाकू की खरीद पर ₹10 प्रति किलोग्राम की अतिरिक्त सहायता सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में दी जाएगी। इसके साथ ही, तोतापूरी आम के किसानों के लिए भी सहायता राशि का प्रावधान किया गया है।
ऊर्जा और बुनियादी ढांचा विकास
ऊर्जा क्षेत्र में, कैबिनेट ने APTRANSCO द्वारा लिए गए मध्यम अवधि के ऋण के पुनर्भुगतान के लिए पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) को ₹950 करोड़ की सरकारी गारंटी प्रदान की है। इसके अलावा, पोलावरम जलविद्युत परियोजना के लिए मूल्य भिन्नता की गणना हेतु NHPC पद्धति को अपनाने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए ₹558 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बजट आवंटन न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि स्थिरता को भी सीधे तौर पर प्रभावित करता है। जल आपूर्ति और फसल मूल्य समर्थन के माध्यम से सरकार ग्रामीण असंतोष को कम करने और विकास की गति को बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
राज्य सरकार का यह कदम ग्रामीण बुनियादी ढांचे और कृषि सुरक्षा के बीच एक महत्वपूर्ण संतुलन बनाने का प्रयास है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ग्रामीण जल आपूर्ति योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य 'हर घर जल' योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वसनीय और निरंतर जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 2: तंबाकू किसानों को कितनी सहायता मिलेगी?
उत्तर: किसानों को ₹10 प्रति किलोग्राम की दर से मूल्य कमी सहायता (Price Deficiency Support) प्रदान की जाएगी।