सीजेपी के पूर्व स्वयंसेवक मनीष ब्रह्मभट्ट ने दिल्ली में नई पार्टी 'कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक' की घोषणा की। उन्होंने संस्थापक अभिजीत दिपके पर पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और एएपी के साथ नजदीकी का आरोप लगाया।
- मनीष ब्रह्मभट्ट ने सीजेपी‑डेमोक्रेटिक का गठन किया
- दिपके पर पुराने कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने का आरोप
- नई पार्टी को एएपी के करीब बताया गया
दिल्ली में 3 सितंबर 2026 को पूर्व सीजेपी स्वयंसेवक मनीष ब्रह्मभट्ट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई राजनीतिक इकाई कॉकरोच जनता पार्टी‑डेमोक्रेटिक (CJP‑D) की घोषणा की। यह कदम सीजेपी के भीतर पहली बगावत के रूप में दर्ज किया गया है।
पार्टी का उद्देश्य और आरोप
ब्राह्मभट्ट ने कहा कि संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन में शामिल पुराने कार्यकर्ताओं को बाहर कर दिया है, जिससे आंदोलन का मूल उद्देश्य बदल गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब सीजेपी एएपी के विचारों के करीब है, जबकि पहले यह छात्रों और आम लोगों के मुद्दों पर केंद्रित था।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का उदय 2023 में जंतर‑मंतर आंदोलन के बाद हुआ था, जहाँ युवाओं ने पर्यावरणीय और सामाजिक मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया। शुरुआती दिनों में पार्टी ने कई राज्यों में प्रदर्शन किए और राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन किया। लेकिन समय के साथ पार्टी के भीतर शक्ति संघर्ष उभरा, जिससे इस विभाजन की नींव रखी गई।
नयी पार्टी की संरचना
ब्राह्मभट्ट ने बताया कि CJP‑D में राष्ट्रीय स्तर पर एक समावेशी कार्यसमिति होगी, जिसमें सभी राज्यों के प्रतिनिधियों को बराबर आवाज़ मिलेगी। उन्होंने एएपी के साथ संभावित गठबंधन की भी संकेत दिया, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the splintering of CJP could reshape opposition politics in Delhi and several northern states, potentially siphoning votes from both AAP and BJP ahead of the 2027 state elections.
"CJP‑D का उदय भारतीय राजनीति में नई धारा का संकेत है, जहाँ युवा आंदोलन के मूल आदर्शों को फिर से परिभाषित किया जा रहा है," कहा राजनीतिक विश्लेषक डॉ. रवीश कुमार ने।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या CJP‑D का कोई आधिकारिक गठबंधन एएपी के साथ है?
A1: अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पार्टी के नेता इस दिशा में संकेत दे रहे हैं।
Q2: नई पार्टी के चुनावी लक्ष्य क्या हैं?
A2: ब्राह्मभट्ट ने कहा है कि वे अगले दो वर्षों में दिल्ली और उत्तर प्रदेश में प्रमुख स्थान हासिल करना चाहते हैं।