कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) ने पुदुच्चेरी विधानसभा के अध्यक्ष से लोक लेखा समिति की बैठकें बुलाने की मांग की है। CAG की रिपोर्ट में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन में भारी खामियां पाई गई हैं।

  • CAG रिपोर्ट में ₹1,041.79 करोड़ की सरकारी राशि के अप्रयुक्त रहने का खुलासा।
  • सरकारी योजनाओं के बजाय दैनिक खर्चों के लिए कर्ज लेने का आरोप।
  • बिजली विभाग में ₹27 करोड़ के कथित दुरुपयोग पर कार्रवाई की मांग।
  • पेयजल संकट और स्वच्छता संबंधी गंभीर लापरवाही की ओर इशारा।

पुदुच्चेरी: कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) ने पुदुच्चेरी विधानसभा के अध्यक्ष से लोक लेखा समिति (PAC) और अनुमान समिति की नियमित बैठकें बुलाने की पुरजोर मांग की है। पार्टी का कहना है कि भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट में वित्तीय प्रबंधन और सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में गंभीर खामियों का पता चला है, जिसकी गहन जांच आवश्यक है।

वित्तीय कुप्रबंधन और करोड़ों की निष्क्रिय राशि

CPI पुदुच्चेरी के राज्य सचिव ए.एम. सलीम ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वित्तीय वर्ष 2025 की समाप्त होने वाली अवधि के लिए CAG की रिपोर्ट ने विभिन्न विभागों में वित्तीय अनुशासन की कमी को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित ₹1,041.79 करोड़ का उपयोग नहीं किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि सरकार ने उच्च ब्याज दरों पर धन उधार लिया, जबकि योजना के लिए आवंटित राशि बैंक जमा में कम ब्याज पर बेकार पड़ी रही।

BozokMedia विश्लेषण: क्या यह वित्तीय संकट का संकेत है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि यह राज्य की राजकोषीय स्थिरता के लिए एक गंभीर चेतावनी है। जब सरकारें पूंजीगत कार्यों के बजाय दैनिक खर्चों के लिए महंगे कर्ज का सहारा लेती हैं, तो यह भविष्य में ऋण के जाल (Debt Trap) का कारण बन सकता है।

सरकारी धन का इस तरह का दुरुपयोग और योजनाओं की अनदेखी सीधे तौर पर जनता के विश्वास और विकास की गति को प्रभावित करती है।

ए.एम. सलीम ने बिजली विभाग में ₹27 करोड़ के कथित दुरुपयोग पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब आम जनता बिजली शुल्क में वृद्धि के कारण कठिनाइयों का सामना कर रही है, तब विभाग के भीतर भ्रष्टाचार अस्वीकार्य है। इसके अलावा, उन्होंने विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार से जुड़े 57 मामलों की जांच में तेजी लाने और वसूली की कार्रवाई करने की मांग की है।

जनता की बुनियादी सुविधाएं और लापरवाही

पार्टी ने पेयजल की कमी और भूजल में खारे पानी के प्रवेश जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। सलीम ने बताया कि कम्यून पंचायतों के तहत 11 ओवरहेड और भूमिगत पानी की टंकियां वर्षों से साफ नहीं की गई हैं। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और भूजल संरक्षण के लिए एक 'राज्य गुणवत्ता जांच इकाई' (State Quality Check Unit) बनाने की मांग की है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: CAG की भूमिका

भारत में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) का पद संवैधानिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। CAG का मुख्य कार्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार द्वारा खर्च किया गया प्रत्येक रुपया संसद या विधानसभा द्वारा अनुमोदित उद्देश्यों के लिए ही उपयोग किया जाए। पुदुच्चेरी के मामले में, CAG की रिपोर्ट शासन की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करती है।

Did You Know?: CAG की रिपोर्ट केवल लेखांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी खर्चों की दक्षता और प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन करती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: CPI ने विधानसभा अध्यक्ष से क्या मांग की है?
उत्तर: CPI ने वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए लोक लेखा समिति और अनुमान समिति की बैठकें बुलाने की मांग की है।

प्रश्न 2: CAG रिपोर्ट में मुख्य चिंता क्या थी?
उत्तर: मुख्य चिंता ₹1,041.79 करोड़ की राशि का अप्रयुक्त रहना और कल्याणकारी योजनाओं के बजाय दैनिक खर्चों के लिए कर्ज लेना था।