ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम (GVMC) ने राज्य सरकार के आदेशानुसार वार्डों के सीमांकन के लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है। मौजूदा 98 वार्डों को अब 120 वार्डों में पुनर्गठित किया जाएगा।

  • GVMC मौजूदा 98 वार्डों को बढ़ाकर 120 वार्ड करने जा रहा है।
  • प्रारंभिक अधिसूचना शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को जारी की गई।
  • नागरिक 11 सितंबर तक अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
  • प्रस्तावित सीमाएं GVMC मुख्यालय और सभी जोनल कार्यालयों में उपलब्ध हैं।

ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम (GVMC) ने आंध्र प्रदेश सरकार के नवीनतम निर्देशों के अनुपालन में, निगम क्षेत्र के भीतर वार्डों के सीमांकन (Delimitation) के लिए एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक अधिसूचना जारी की है। इस ऐतिहासिक प्रशासनिक बदलाव के तहत, निगम के वर्तमान 98 वार्डों को पुनर्गठित कर कुल 120 वार्डों में विभाजित किया जाएगा।

GVMC आयुक्त केतन गर्ग ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में पुष्टि की है कि प्रस्तावित वार्ड सीमाओं का मसौदा 'आंध्र प्रदेश नगर निगम (वार्डों का सीमांकन) नियम' के नियम 8 के तहत तैयार किया गया है। यह कदम शहर के बढ़ते शहरीकरण और जनसंख्या घनत्व को देखते हुए प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

प्रक्रिया और सार्वजनिक निरीक्षण

प्रस्तावित 120 वार्डों की मसौदा सीमा विवरण 5 सितंबर से सार्वजनिक निरीक्षण के लिए उपलब्ध करा दिए गए हैं। नागरिक इन विवरणों को निम्नलिखित स्थानों पर देख सकते हैं:

  • GVMC मुख्यालय
  • सभी 10 पुनर्गठित जोनल कार्यालय
  • GVMC सीमा के भीतर महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के नोटिस बोर्ड
  • GVMC की आधिकारिक वेबसाइट

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वार्डों की संख्या में यह वृद्धि विशाखापट्टनम के शहरी नियोजन और स्थानीय शासन के लिए एक निर्णायक मोड़ है। अधिक वार्डों का अर्थ है बेहतर नागरिक सेवाएं, अधिक स्थानीय प्रतिनिधि और विकास कार्यों का अधिक सूक्ष्म स्तर पर प्रबंधन। यह शहरी बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ तालमेल बिठाने की एक आवश्यक प्रक्रिया है।

वार्डों का पुनर्गठन शहरी प्रशासन में जवाबदेही तय करने और स्थानीय विकास को गति देने के लिए एक अनिवार्य कदम है।

आयुक्त ने विशाखापट्टनम के निवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें प्रस्तावित सीमांकन या वार्ड सीमाओं के संबंध में कोई सुझाव या आपत्ति है, तो वे उसे 11 सितंबर तक सीधे GVMC आयुक्त को प्रस्तुत करें।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

विशाखापट्टनम, जिसे आंध्र प्रदेश की आर्थिक राजधानी माना जाता है, पिछले कुछ दशकों में तेजी से विकसित हुआ है। जैसे-जैसे शहर का विस्तार हुआ, पुराने वार्ड ढांचे पर जनसंख्या का दबाव बढ़ा। इसी कारण से, समय-समय पर नगर निगमों को अपने प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक बनाने और वार्डों का पुनर्गठन करने की आवश्यकता पड़ती है ताकि शासन सुलभ हो सके।

Did You Know?: वार्डों का सीमांकन केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं, बल्कि भौगोलिक सीमाओं और प्रशासनिक सुगमता को ध्यान में रखकर किया जाता है।

Frequently Asked Questions

1. नए वार्डों की कुल संख्या कितनी होगी?
नए पुनर्गठन के बाद वार्डों की कुल संख्या 120 होगी।

2. मैं अपनी आपत्ति कैसे दर्ज करा सकता हूँ?
आप 11 सितंबर तक अपनी आपत्तियां या सुझाव सीधे GVMC आयुक्त के कार्यालय में जमा कर सकते हैं।