न्यू हैम्पशायर के प्राइमरी चुनावों में ट्रंप समर्थित व्यवसायी एंथनी डीलोरेन्जो ने हाउस सीट के लिए जीत हासिल की है। इस चुनाव ने नवंबर के मुख्य मुकाबलों के लिए मंच तैयार कर दिया है, जिसमें गवर्नर और सीनेट की सीटों पर कड़ी टक्कर होगी।
- एंथनी डीलोरेन्जो ने रिपब्लिकन प्राइमरी में जीत हासिल कर ट्रंप के प्रभाव को साबित किया।
- गवर्नर केली आयोट ने दूसरे कार्यकाल के लिए अपनी पार्टी का नामांकन सुरक्षित किया।
- सीनेट की दौड़ में क्रिस पैपास (डेमोक्रेट) और जॉन ई. सुनुनु (रिपब्लिकन) के बीच मुकाबला होगा।
अमेरिका के न्यू हैम्पशायर राज्य में मंगलवार को हुए प्राइमरी चुनावों ने आगामी नवंबर के general elections के लिए एक हाई-वोल्टेज ड्रामा सेट कर दिया है। इस चुनावी प्रक्रिया में सबसे बड़ा आकर्षण एंथनी डीलोरेन्जो का उदय रहा, जिन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार के रूप में एक खुली अमेरिकी हाउस सीट के लिए जीत दर्ज की। डीलोरेन्जो, जो एक सफल व्यवसायी हैं, को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खुला समर्थन प्राप्त था, जिसने उन्हें राजनीतिक अनुभव न होने के बावजूद जीत दिलाई।
डीलोरेन्जो ने कार डीलरशिप चेन के संस्थापक के रूप में अपने अनुभव को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने तर्क दिया कि उनका व्यावसायिक कौशल उन्हें शासन चलाने के लिए सबसे योग्य बनाता है। ट्रंप ने जुलाई में उनका समर्थन करते हुए उन्हें एक ऐसा उद्यमी बताया था जो अर्थव्यवस्था के "स्वर्ण युग" (Golden Age) का नेतृत्व कर सकता है। उन्होंने तीन अन्य रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वियों को हराकर जीत हासिल की।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि डीलोरेन्जो की जीत यह संकेत देती है कि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर अभी भी डोनाल्ड ट्रंप की पसंद और उनके समर्थन का भारी प्रभाव है। यह जीत दर्शाती है कि मतदाता अब पारंपरिक राजनेताओं के बजाय 'आउटसाइडर्स' और व्यावसायिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर ट्रंप की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
दूसरी ओर, गवर्नर केली आयोट ने अपनी पार्टी के प्राइमरी में आसान जीत दर्ज की। वह अब नवंबर में डेमोक्रेट उम्मीदवार सिंडे वार्मिंगटन का सामना करेंगी। आयोट, जो न्यू हैम्पशायर की तीसरी महिला गवर्नर बनी थीं, अपनी प्रशासनिक पकड़ को और मजबूत करना चाहती हैं।
"न्यू हैम्पशायर के ये नतीजे केवल स्थानीय जीत नहीं हैं, बल्कि यह नवंबर में सीनेट के नियंत्रण के लिए होने वाली राष्ट्रीय लड़ाई का एक छोटा प्रतिबिंब हैं।"
सीनेट की दौड़ सबसे अधिक दिलचस्प हो गई है। डेमोक्रेट क्रिस पैपास, जिन्हें कमला हैरिस का समर्थन प्राप्त है, ने नामांकन हासिल किया। हालांकि, उन्हें करिशमा मनजूर जैसे डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट से कड़ी चुनौती मिली, जिन्होंने पैपास पर विशेष हितों के प्रति वफादार होने का आरोप लगाया। रिपब्लिकन पक्ष से, जॉन ई. सुनुनु ने जीत हासिल की। दिलचस्प बात यह है कि सुनुनु ने एक समय ट्रंप को "लूज़र" कहा था, लेकिन अब उन्हें ट्रंप का समर्थन प्राप्त है।
सुनुनु का परिवार न्यू हैम्पशायर की राजनीति में गहरा प्रभाव रखता है, क्योंकि उनके पिता और भाई दोनों पूर्व गवर्नर रह चुके हैं। वह अब उस सीट को वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं जिसे उन्होंने 18 साल पहले खो दिया था।
| पद (Position) | रिपब्लिकन उम्मीदवार | डेमोक्रेटिक उम्मीदवार |
|---|---|---|
| गवर्नर (Governor) | केली आयोट | सिंडे वार्मिंगटन |
| सीनेट (Senate) | जॉन ई. सुनुनु | क्रिस पैपास |
| हाउस (House) | एंथनी डीलोरेन्जो | (ओपन सीट) |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: एंथनी डीलोरेन्जो कौन हैं?
उत्तर: वह एक व्यवसायी और कार डीलरशिप चेन के संस्थापक हैं, जिन्हें डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त है और उन्होंने न्यू हैम्पशायर हाउस प्राइमरी जीता है।
प्रश्न 2: सीनेट की दौड़ में मुख्य प्रतिद्वंद्वी कौन हैं?
उत्तर: सीनेट की सीट के लिए मुख्य मुकाबला रिपब्लिकन जॉन ई. सुनुनु और डेमोक्रेट क्रिस पैपास के बीच होगा।