गुजरात की राजनीति में हलचल तेज है। पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने 2027 विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पार्टी को पुनर्जीवित करने का ऐलान किया है, जबकि कांग्रेस ने राज्य में नई रणनीतिक तैयारी शुरू कर दी है।

  • शंकरसिंह वाघेला ने 2027 चुनावों को अपना 'अंतिम अवसर' बताते हुए प्रजा शक्ति पार्टी को सक्रिय करने का निर्णय लिया है।
  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनावी डेटाबेस में 12,000 'राजीव गांधी' नाम के मतदाताओं की मौजूदगी का उल्लेख किया।
  • कांग्रेस के नए प्रभारी रणदीप सुरजेवाला गुजरात दौरे पर हैं, जिसका उद्देश्य आंतरिक मतभेदों को दूर कर 2027 की रणनीति बनाना है।
  • सूरत नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण के लिए 'प्लास्टिक के बदले गणेश मूर्ति' का अनूठा अभियान चलाया है।

गुजरात के राजनीतिक गलियारों में इस समय भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला, जो लंबे समय से राजनीति के केंद्र में रहे हैं, ने अब 2027 के विधानसभा चुनावों को अपनी राजनीतिक यात्रा का 'अंतिम प्रयास' करार दिया है। 86 वर्षीय वाघेला ने अपनी प्रजा शक्ति पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए 2 अक्टूबर से एक आक्रामक अभियान शुरू करने की घोषणा की है।

वाघेला ने हाल ही में गांधीनगर स्थित अपने आवास पर एक बड़ी बैठक की, जिसमें लगभग 500 समर्थकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कांग्रेस में शामिल होना नहीं, बल्कि भाजपा के खिलाफ एक मजबूत गठबंधन बनाना है। हालांकि, उन्होंने यह भी खुलासा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और मुकुल वासनिक से संपर्क के बावजूद उन्हें अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, वाघेला का यह कदम गुजरात में विपक्षी वोटों के बिखराव को रोकने की एक कोशिश है। यदि वाघेला और कांग्रेस के बीच कोई समझौता होता है, तो यह 2027 के चुनावों में भाजपा के लिए एक नई चुनौती पेश कर सकता है, क्योंकि वाघेला के पास अभी भी जमीनी स्तर पर प्रभाव है।

"गुजरात में विपक्षी एकता केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर समन्वय से ही संभव होगी, अन्यथा वोट विभाजन फिर से दोहराया जाएगा।"

दूसरी ओर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गुजरात में अपने पहले सार्वजनिक संबोधन के दौरान एक दिलचस्प तथ्य साझा किया। विशेष गहन संशोधन (SIR) पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि उनके चुनावी डेटाबेस में 12,000 से अधिक व्यक्ति 'राजीव गांधी' नाम के हैं, जो डेटा प्रबंधन की जटिलताओं को दर्शाता है।

कांग्रेस की बात करें तो, नए एआईसीसी महासचिव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला का दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह दौरा भाजपा के नए प्रभारी तरुण चुघ की यात्रा के साथ मेल खाता है, जिससे राज्य में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है। कांग्रेस नेतृत्व अब राज्य इकाई के भीतर के गहरे मतभेदों को खत्म कर एक 'केंद्रित रणनीति' लागू करने की योजना बना रहा है।

राजनीति से हटकर, सूरत नगर निगम (SMC) ने पर्यावरण की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। शहर में 'प्लास्टिक के बदले गणेश मूर्ति' अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नागरिक 1 किलो प्लास्टिक कचरा जमा कर मिट्टी की गणेश प्रतिमा प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल से अब तक 1,200 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक एकत्र किया जा चुका है।

क्या आप जानते हैं?: सूरत नगर निगम का यह अभियान न केवल प्रदूषण कम कर रहा है, बल्कि लोगों को मिट्टी की मूर्तियों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: शंकरसिंह वाघेला की प्रजा शक्ति पार्टी का लक्ष्य क्या है?
उत्तर: पार्टी का मुख्य लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ एक मजबूत विकल्प पेश करना और विपक्षी वोटों को एकजुट करना है।

प्रश्न 2: सूरत नगर निगम की प्लास्टिक ड्राइव क्या है?
उत्तर: यह एक पर्यावरण पहल है जिसमें नागरिक 1 किलो प्लास्टिक कचरा देने पर मिट्टी की गणेश मूर्ति प्राप्त करते हैं।