राजस्थान में 147 शहरी निकायों के लिए मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ, लेकिन जयपुर, झुंझुनू और पुष्कर में ईवीएम गड़बड़ी के कारण कुछ केंद्रों में मतदान बाधित हुआ। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई नेता मतदान कर रहे थे, जबकि भाजपा ने मॉडल कोड के उल्लंघन का आरोप लगाया।
- जयपुर, झुंझुनू और पुष्कर में ईवीएम गड़बड़ी की रिपोर्ट
- 147 शहरी निकायों में 87 लाख मतदाताओं को मतदान का अधिकार
- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया
निर्वाचन का अवलोकन
राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण सुबह 7 बजे शुरू हुआ, जिसमें 147 नगर निकायों के 4,774 वार्डों में 9,758 मतदान केंद्रों पर 87,60,884 मतदाताओं ने मतदान करने की संभावना थी। मतदान दोपहर 6 बजे तक जारी रहेगा।
ईवीएम गड़बड़ी और विरोध प्रदर्शन
राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि जयपुर, झुंझुनू, पुष्कर और अन्य कुछ केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी खामी के कारण मतदान में रुकावट और स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए। कई स्थानों पर मशीनों को तुरंत बदलने का कार्य किया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के महामंदिर क्षेत्र में मतदान किया और बाद में भाजपा सरकार पर “संविधान को कमजोर करने की कोशिश” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “संविधान को और मजबूत करने की जरूरत है, लोगों को भाजपा को सबक सिखाना चाहिए।” भाजपा ने जोधपुर के वार्ड 82 में मॉडल कोड उल्लंघन का आरोप लगाते हुए जिला चुनाव अधिकारी को शिकायत दर्ज कराई।
हिंसा और विवाद के मामले
जोधपुर, अजमेर और अन्य शहरों में स्वतंत्र उम्मीदवारों के समर्थकों और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच मतगणना केंद्रों पर टकराव हुए। झुंझुनू में स्वतंत्र उम्मीदवार अशोक शर्मा पर तीन मोटरसाइकिल वाले हमलावरों ने हमला किया, जिससे उन्हें सिर में चोट आई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव दो चरणों में आयोजित होते हैं। पहले चरण में 162 निकायों में 76.41% की उच्च मतदाता सहभागिता दर्ज हुई थी। इस बार के चुनावों में कुल 18,266 उम्मीदवारों ने विभिन्न पदों के लिए प्रतिस्पर्धा की, जिसमें मेयर, उपमेयर, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष शामिल हैं।
आगामी प्रक्रिया
मतदान के बाद काउंसिलर पदों के लिए मतगणना 14 सितंबर को होगी, जबकि मेयर और अध्यक्ष पदों का चुनाव 21 सितंबर को और उपमेयर एवं उपाध्यक्ष पदों का चुनाव 22 सितंबर को निर्धारित है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that repeated EVM glitches could erode public confidence in the electoral process, potentially influencing voter turnout and party strategies in future state and national elections.
"Technical failures in voting machines, if not addressed swiftly, risk undermining the legitimacy of democratic outcomes," says Dr. Neha Sharma, election technology expert.
Frequently Asked Questions
Q1: ईवीएम गड़बड़ी के कारण कितने मतदान केंद्र प्रभावित हुए?
A1: प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 12 मतदान केंद्रों में तकनीकी समस्याएँ दर्ज की गईं।
Q2: वोट गिनती कब शुरू होगी?
A2: काउंसिलर पदों की गिनती 14 सितंबर को शुरू होगी, जबकि मेयर और उपमेयर पदों की गिनती क्रमशः 21 और 22 सितंबर को होगी।