दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली महिला आयोग (DCW) को POCSO अधिनियम और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल स्टाफ के पुलिस वेरिफिकेशन और संस्थागत बच्चों के पुनर्वास पर भी जोर दिया।

  • POCSO और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश।
  • स्कूल स्टाफ और वाहन चालकों का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन।
  • बाल देखभाल संस्थानों (CCI) से निकलने वाले बच्चों के लिए कौशल विकास और रोजगार पर जोर।
  • HPV टीकाकरण और मिड-डे मील की गुणवत्ता की निगरानी।

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली महिला आयोग (DCW) के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने आयोग को महिलाओं और लड़कियों से जुड़े मुद्दों पर जमीनी स्तर पर अपनी गतिविधियों को तेज करने और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से लड़कियों के बीच POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम, 2012 और बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में लड़कियों को ऑनलाइन खतरों से बचाना सरकार की प्राथमिकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली जैसे महानगर में बढ़ते साइबर अपराध और बच्चों के खिलाफ अपराधों को देखते हुए, केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है; जागरूकता और त्वरित कानूनी कार्रवाई ही सुरक्षा की असली गारंटी है। मुख्यमंत्री का यह कदम प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक भागीदारी के बीच की खाई को पाटने का एक प्रयास है।

सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज, स्कूल और प्रशासन के साझा प्रयासों का परिणाम होनी चाहिए।

सुरक्षा के मद्देनजर, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि स्कूलों में कार्यरत सभी स्टाफ, स्कूल बस और वैन के ड्राइवरों, अटेंडेंटों और सफाई कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने किशोर लड़कियों के लिए HPV (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण से संबंधित जानकारी और सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की शिकायतों के निपटारे के लिए ऑनलाइन सिस्टम को सरल और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

बच्चों के भविष्य और आत्मनिर्भरता पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने बाल देखभाल संस्थानों (CCIs) में रहने वाले बच्चों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने DCW को निर्देश दिया कि वे इन संस्थानों से निकलने वाले बच्चों की एक विस्तृत सूची तैयार करें, जिसमें उनके नाम, आयु, शिक्षा, कौशल और वर्तमान स्थिति का विवरण हो।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आश्रय प्रदान करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, "इन बच्चों को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना आवश्यक है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।" इस दिशा में एक अभिनव पहल के रूप में, मुख्यमंत्री ने इच्छुक लड़कियों को ऑटो और लड़कों को ई-रिक्शा प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है, ताकि वे गरिमापूर्ण आजीविका शुरू कर सकें।

Did You Know?: POCSO अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को यौन शोषण और दुर्व्यवहार से बचाने के लिए एक विशेष कानूनी ढांचा प्रदान करना है।

Frequently Asked Questions

1. मुख्यमंत्री ने स्कूल सुरक्षा के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री ने स्कूल स्टाफ और वाहन चालकों का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

2. क्या DCW के पास शिकायतों के लिए ऑनलाइन सिस्टम है?
हाँ, मुख्यमंत्री ने इस ऑनलाइन प्रणाली को और अधिक सरल और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।