एक जांच में खुलासा हुआ है कि ट्रंप से जुड़े 'अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी इंस्टीट्यूट' (AFPI) के कई कर्मचारी अमेरिकी जनगणना ब्यूरो में तैनात हैं, जिससे संवेदनशील डेटा की सुरक्षा और चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

  • ट्रंप से जुड़े थिंक टैंक AFPI के कई कर्मचारी जनगणना ब्यूरो में तैनात पाए गए हैं।
  • इन कर्मचारियों ने एक ऐसी रिपोर्ट जारी की है जो गैर-नागरिक मतदान के बारे में चुनावी संदेह पैदा करती है।
  • विशेषज्ञों ने संवेदनशील डेटा के दुरुपयोग और भविष्य के चुनावों को प्रभावित करने की आशंका जताई है।

एक हालिया जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी इंस्टीट्यूट (AFPI), जो डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का समर्थन करने वाला एक प्रमुख थिंक टैंक है, के कई कर्मचारी अमेरिकी जनगणना ब्यूरो (US Census Bureau) के भीतर अपनी जगह बना चुके हैं। इन कर्मचारियों के पास देश के लगभग हर नागरिक से संबंधित अत्यंत संवेदनशील डेटा तक पहुंच है, जिसका उपयोग चुनावी क्षेत्रों का निर्धारण और संघीय धन के आवंटन के लिए किया जाता है।

संवेदनशील डेटा और चुनावी प्रभाव

जांच से पता चला है कि AFPI के सदस्यों ने जनगणना ब्यूरो के भीतर रहकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें दावा किया गया कि 2020 के चुनाव में हजारों गैर-नागरिकों ने मतदान किया था। हालांकि, विशेषज्ञों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इस रिपोर्ट की कार्यप्रणाली को त्रुटिपूर्ण बताया है। यह चिंता का विषय है क्योंकि जनगणना ब्यूरो का डेटा न केवल जनसंख्या की गणना करता है, बल्कि यह अमेरिकी लोकतंत्र की नींव यानी चुनावी निर्वाचन क्षेत्रों के सीमांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

संस्थागत अखंडता के लिए यह बेहद चिंताजनक है कि एक राजनीतिक रूप से प्रेरित समूह के पास इतने संवेदनशील डेटा तक सीधी पहुंच हो।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह संस्थागत सुरक्षा में एक बड़ी सेंध हो सकती है। AFPI के सदस्य 'इंटरगवर्नमेंटल पर्सनेल एक्ट' (IPA) के तहत अस्थायी रूप से ब्यूरो में तैनात किए गए हैं, जो उन्हें दो साल तक वहां काम करने की अनुमति देता है।

ऐतिहासिक संदर्भ और राजनीतिक टकराव

ट्रंप प्रशासन ने पहले भी जनगणना डेटा की सटीकता पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले, वाणिज्य विभाग ने गैर-नागरिकों को जनगणना से बाहर करने के नियम में बदलाव का प्रयास किया था, जिससे कांग्रेस के सीटों के बंटवारे पर गहरा असर पड़ सकता था। इसके अलावा, 'डिफरेंशियल प्राइवेसी' जैसी सांख्यिकीय विधियों को भी निशाना बनाया गया है, जिनका उपयोग व्यक्तिगत गोपनीयता की रक्षा के लिए किया जाता है।

AFPI का बढ़ता प्रभाव

AFPI का प्रभाव केवल जनगणना ब्यूरो तक सीमित नहीं है। इस संगठन के पूर्व सदस्य और कर्मचारी अब ट्रंप प्रशासन के कई महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं, जिनमें कृषि सचिव ब्रुक रॉलिंस और शिक्षा सचिव लिंडा मैकमेन शामिल हैं। यह स्पष्ट करता है कि यह थिंक टैंक सत्ता के गलियारों में अपनी गहरी पैठ बना चुका है।

Did You Know?: अमेरिकी जनगणना का डेटा ही तय करता है कि किस राज्य को संसद में कितनी सीटें मिलेंगी और उन्हें कितना सरकारी बजट मिलेगा।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: AFPI क्या है?
उत्तर: यह एक दक्षिणपंथी थिंक टैंक है जो डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और एजेंडे का समर्थन करता है।

प्रश्न 2: जनगणना ब्यूरो का डेटा इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
उत्तर: यह डेटा चुनावी क्षेत्रों के निर्धारण और अरबों डॉलर के संघीय फंड के वितरण के लिए आधार बनता है।