अंध्र प्रदेश के विजाकपट्टन में 28‑29 जुलाई को आयोजित गिरी परिक्रमा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिये जिला कलेक्टर ने ट्रैफ़िक प्रबंधन और वैकल्पिक मार्गों का विस्तृत योजना बनाने का आदेश दिया। इस योजना में भारी वाहन रूट, नो‑वाहन ज़ोन और आपातकालीन कॉरिडोर शामिल हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • गिरी परिक्रमा के लिए 32 किमी के मार्ग पर विस्तृत ट्रैफ़िक योजना बनाई जाएगी
  • भारी वाहनों को स्रीकाकुलम‑विजियनगर से साब्बावाराम तक मोड़ेंगे, जबकि दोपहिया वाहन असाकापल्ली सेवा रोड से प्रवेश करेंगे
  • शहर के मुख्य हिस्सों में 3 PM से मध्यरात्रि तक नो‑वाहन ज़ोन लागू होगा, आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष गलिया आरक्षित रहेगी

विजाकपट्टन, अंध्र प्रदेश – जिला कलेक्टर एम. अभिषिक्थ किशोर ने 28 और 29 जुलाई को श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर में आयोजित गिरी परिक्रमा के दौरान ट्रैफ़िक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने का निर्देश दिया। इस धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालु भाग लेने की उम्मीद है, जिससे शहर के मौजूदा ट्रैफ़िक जाम को नियंत्रित करने की आवश्यकता उत्पन्न हुई।

पृष्ठभूमि और महत्व

गिरी परिक्रमा, जो हर पाँच वर्ष में एक बार आयोजित होती है, अंध्र प्रदेश के प्रमुख धार्मिक यात्राओं में से एक है। पिछले वर्षों में भी इस यात्रा के दौरान भीड़‑भाड़ और असंगठित ट्रैफ़िक कारणों से सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हुए थे। इसलिए इस बार कलेक्टर ने पहले से ही विभिन्न विभागों को एक साथ लाकर एक समन्वित योजना तैयार करने का आदेश दिया।

विस्तृत मार्ग और वैकल्पिक रूट

परिक्रमा के मार्ग में भारी वाहनों को स्रीकाकुलम‑विजियनगर से आने वाले मार्ग को साब्बावाराम की ओर मोड़ दिया जाएगा, जिससे मुख्य शहरी क्षेत्रों में ट्रैफ़िक दबाव कम होगा। कार और दोपहिया वाहन असाकापल्ली सेवा रोड के माध्यम से शिला नगर के रास्ते शहर में प्रवेश करेंगे। इसके अलावा, हनुमंतवाका से मैडिलापलेम तक का खंड 3 PM से मध्यरात्रि तक ‘नो‑वाहन ज़ोन’ घोषित किया गया है, जिससे पादरी मार्ग सुरक्षित रहेगा।

सुरक्षा और सुविधा उपाय

कलेक्टर ने 32 किमी के पूरे मार्ग पर जल व्यवस्था, बायो‑टॉयलेट, मेडिकल कैंप, विश्राम केंद्र और नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्देश दिया। आपात स्थितियों में एम्बुलेंस के लिए एक विशेष कॉरिडोर खुला रखा जाएगा। साथ ही, 28 जुलाई को शैक्षणिक संस्थानों को अवकाश देने और स्थानीय निवासियों को अतिरिक्त सहायता प्रदान करने की भी संभावनाओं पर विचार किया गया है।

सहभागी अधिकारी और आगे की कार्यवाही

इस योजना की समीक्षा बैठक में जीवीएमसी कमिश्नर केतन गार्ग, जॉइंट कलेक्टर जी. विद्याधरी, डीसीपी मैरी प्रशान्ति एवं मनिकंटा, तथा मंदिर के कार्यकारी अधिकारी जे. वेंकटाराव मौजूद रहे। उन्होंने कार्यान्वयन की समयसीमा, मीडिया प्रसारण और सामाजिक मीडिया के माध्यम से जनता को अग्रिम सूचना देने की रणनीति पर चर्चा की। अब अगले दो हफ्तों में सभी विभागों को अपनी‑अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण करने के लिए तैयार होना होगा।