एरिजोना के एक एस्ट्रोफोटोग्राफर ने नासा के नेंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप को अंतरिक्ष में यात्रा करते हुए कैद किया है। यह अत्याधुनिक टेलीस्कोप ब्रह्मांड के गहरे रहस्यों और डार्क मैटर की खोज के लिए L2 पॉइंट की ओर बढ़ रहा है।
- एस्ट्रोफोटोग्राफर एंड्रयू मैकार्थी ने लॉन्च के कुछ दिनों बाद रोमन टेलीस्कोप को टाइमलैप्स वीडियो में कैद किया।
- यह टेलीस्कोप पृथ्वी से 16 लाख किलोमीटर दूर 'सन-अर्थ लैग्रेंज पॉइंट 2' (L2) की ओर जा रहा है।
- रोमन टेलीस्कोप हबल की तुलना में 100 गुना बड़ा क्षेत्र कवर करने में सक्षम है।
अंतरिक्ष की अनंत गहराइयों में एक छोटा सा चमकता बिंदु शायद साधारण लगे, लेकिन हाल ही में कैद किया गया एक ऐसा ही बिंदु नासा के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक, नेंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप निकला। एरिजोना स्थित प्रसिद्ध एस्ट्रोफोटोग्राफर एंड्रयू मैकार्थी ने इस ऐतिहासिक क्षण को अपने टाइमलैप्स वीडियो में कैद किया, जिसमें टेलीस्कोप को रात के आकाश में तेजी से आगे बढ़ते देखा जा सकता है।
मैकार्थी ने 8 सितंबर को साझा किए गए अपने फुटेज में न केवल रोमन टेलीस्कोप को चिह्नित किया, बल्कि 9 मेटिस (9 Metis) जैसे क्षुद्रग्रहों की उपस्थिति की ओर भी इशारा किया, जो पृथ्वी से करोड़ों मील दूर स्थित है। यह उपलब्धि दिखाती है कि कैसे आधुनिक फोटोग्राफी तकनीक अब आम नागरिकों को अंतरिक्ष मिशनों की वास्तविक समय में निगरानी करने की अनुमति दे रही है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, रोमन टेलीस्कोप का प्रक्षेपण खगोल विज्ञान में एक नए युग की शुरुआत है। जहाँ हबल टेलीस्कोप ने हमें ब्रह्मांड की स्पष्ट तस्वीरें दीं, वहीं रोमन टेलीस्कोप का उद्देश्य 'वाइड-फील्ड' सर्वे करना है। इसका मतलब है कि यह कम समय में आकाश के बहुत बड़े हिस्से का विश्लेषण कर सकेगा, जिससे डार्क एनर्जी और डार्क मैटर जैसे अनसुलझे रहस्यों से पर्दा उठ सकेगा।
रोमन टेलीस्कोप का मिशन केवल देखना नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के मानचित्रण (Mapping) के तरीके को पूरी तरह से बदलना है।
इस टेलीस्कोप का नाम नासा की पहली मुख्य खगोलशास्त्री नेंसी ग्रेस रोमन के सम्मान में रखा गया है। इसे 30 अगस्त, 2026 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन हैवी रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया था। वर्तमान में यह लगभग तीन महीने की लंबी यात्रा पर है।
एक बार जब यह L2 बिंदु पर पहुँच जाएगा, तो यह जेम्स वेब टेलीस्कोप की तरह ही एक स्थिर कक्षा में रहकर काम करेगा। नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने इस मिशन की सराहना करते हुए कहा कि यह समय और बजट के भीतर पूरा होने वाला एक सफल प्रोजेक्ट है।
| विशेषता | हबल टेलीस्कोप (Hubble) | रोमन टेलीस्कोप (Roman) |
|---|---|---|
| फील्ड ऑफ व्यू | संकीर्ण (Narrow) | 100 गुना अधिक विस्तृत (Wide) |
| प्राथमिक दर्पण | 2.4 मीटर | 2.4 मीटर |
| मुख्य लक्ष्य | गहरी अंतरिक्ष छवियां | डार्क एनर्जी और एक्सोप्लैनेट्स |
आगामी हफ्तों में इसके 'वाइड फील्ड इंस्ट्रूमेंट' को सक्रिय किया जाएगा, जिसके बाद कई महीनों तक कैलिब्रेशन और टेस्टिंग चलेगी। नासा को उम्मीद है कि 2027 की शुरुआत तक हमें इस टेलीस्कोप से पहली आधिकारिक तस्वीरें मिलेंगी, जो एक अरब से अधिक आकाशगंगाओं और लगभग एक लाख नए एक्सोप्लैनेट्स की खोज में मदद करेंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: रोमन टेलीस्कोप का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य डार्क मैटर, डार्क एनर्जी की प्रकृति की जांच करना और हमारे सौर मंडल के बाहर नए ग्रहों (Exoplanets) की खोज करना है।
प्रश्न 2: यह टेलीस्कोप अंतरिक्ष में कहाँ स्थित होगा?
उत्तर: यह पृथ्वी से लगभग 16 लाख किलोमीटर दूर दूसरे सन-अर्थ लैग्रेंज पॉइंट (L2) पर स्थित होगा।