विश्व और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू एशियन गेम्स के 49 किग्रा वर्ग में पदक जीतने के लक्ष्य पर हैं, जबकि रिशिकांत सिंह घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।

  • मीराबाई चानू का लक्ष्य 49 किग्रा वर्ग में पदक जीतना है, जिसके लिए 200 किग्रा का कुल वजन उठाना महत्वपूर्ण होगा।
  • राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता चानम्बम रिशिकांत सिंह घुटने की चोट के कारण बाहर।
  • महिला 49 किग्रा वर्ग में चीनी वेटलिफ्टर्स की अनुपस्थिति मीराबाई के लिए पदक की राह आसान बनाती है।

भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू आगामी एशियन गेम्स में एक बार फिर इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में 190 किग्रा के कुल वजन के साथ अपना तीसरा लगातार स्वर्ण पदक जीतने के बाद, अब उनका पूरा ध्यान महाद्वीपीय स्तर पर पदक जीतने पर है, जो अब तक उनके लिए एक कठिन चुनौती रहा है।

32 वर्षीय मीराबाई के लिए एशियन गेम्स का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2018 के एशियन गेम्स में वह पीठ की समस्या के कारण हिस्सा नहीं ले पाई थीं, जबकि 2023 के संस्करण में प्रतियोगिता के दौरान वह चोटिल हो गई थीं। अब वह इस 'अपशकुन' को तोड़कर पदक जीतने की उम्मीद कर रही हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, महिला 49 किग्रा वर्ग में चीनी वेटलिफ्टर्स की अनुपस्थिति भारत के लिए एक रणनीतिक अवसर है। ऐतिहासिक रूप से, चीन इस वर्ग में दबदबा रखता है। उनकी गैर-मौजूदगी ने पदक की दौड़ को अधिक प्रतिस्पर्धी लेकिन सुलभ बना दिया है, जिससे मीराबाई के लिए पोडियम पर पहुंचने की संभावना काफी बढ़ गई है।

मुख्य कोच विजय शर्मा के मुताबिक, मीराबाई के मुख्य प्रतिद्वंद्वी उत्तर कोरिया की री सोंग गम, थाईलैंड की केओसिंगखोन सुथासिनी और ताइवान की फेंग वान-लिंग होंगी। हालांकि री सोंग गम सबसे मजबूत दावेदार हैं, लेकिन कोच शर्मा का मानना है कि यदि मीराबाई 200 किग्रा के करीब कुल वजन उठाती हैं, तो पदक सुनिश्चित है।

"हमारा लक्ष्य कुल वजन नहीं, बल्कि पदक जीतना है; वर्तमान में पूरा ध्यान उनकी फिटनेस और रिकवरी पर है ताकि वह अपनी पूरी क्षमता के साथ खेल सकें।"

वहीं, भारतीय दल के लिए एक बुरी खबर यह है कि एकमात्र पुरुष वेटलिफ्टर चानम्बम रिशिकांत सिंह (60 किग्रा) जापान में होने वाले इस आयोजन का हिस्सा नहीं होंगे। घुटने की पुरानी चोट ने उन्हें बाहर कर दिया है। रिशिकांत ने चोट के बावजूद राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था, लेकिन एशियन गेम्स के लिए उनकी स्थिति अनुकूल नहीं है।

मीराबाई के अलावा, भारतीय टीम में ज्ञानेश्वरी यादव (53 किग्रा), निरुपमा देवी (61 किग्रा) और हरजिंदर कौर (69 किग्रा) शामिल हैं। कोच को उम्मीद है कि ये खिलाड़ी अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (Personal Best) को छूने का प्रयास करेंगी।

खिलाड़ी श्रेणी हालिया उपलब्धि एशियन गेम्स स्थिति
मीराबाई चानू 49 किग्रा CWG स्वर्ण (190 किग्रा) सक्रिय / पदक की उम्मीद
रिशिकांत सिंह 60 किग्रा CWG रजत बाहर (चोट के कारण)
ज्ञानेश्वरी यादव 53 किग्रा राष्ट्रीय स्तर सक्रिय / PB लक्ष्य
क्या आप जानते हैं?: मीराबाई चानू ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय वेटलिफ्टर हैं, जिन्होंने भारत में इस खेल के प्रति नजरिया बदल दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: इस बार मीराबाई चानू के पदक जीतने की संभावना क्यों अधिक है?
उत्तर: महिला 49 किग्रा वर्ग में चीनी वेटलिफ्टर्स की अनुपस्थिति ने पदक की राह को काफी आसान बना दिया है।

प्रश्न: चानम्बम रिशिकांत सिंह क्यों नहीं खेल रहे हैं?
उत्तर: वह घुटने की एक पुरानी चोट से जूझ रहे हैं, जिसके कारण उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा।