द हिंदू वेलनेस वेबिनार में डॉक्टरों ने भारत में बढ़ते मधुमेह के बोझ और वैस्कुलर स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि अत्यधिक गतिहीन जीवनशैली गंभीर रक्त वाहिका रोगों का कारण बन सकती है।
मुख्य बातें
- 'बैठना नया धूम्रपान है' - गतिहीन जीवनशैली से बचें।
- मधुमेह (Diabetes) और रक्त वाहिकाओं के रोगों के बीच सीधा संबंध है।
- मधुमेह रोगियों को अपने पैरों की नियमित जांच करनी चाहिए ताकि एम्पुटेशन (अंग काटने) से बचा जा सके।
- शीघ्र पहचान और रक्त शर्करा नियंत्रण जीवन रक्षक हो सकता है।
अगस्त का महीना वैस्कुलर स्वास्थ्य जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में, 'द हिंदू वेलनेस सीरीज' के तहत आयोजित एक वेबिनार में कौवेरी अस्पताल के विशेषज्ञों ने भारत में बढ़ती वैस्कुलर बीमारियों और मधुमेह के खतरनाक गठजोड़ पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
चेन्नई स्थित कौवेरी अस्पताल के मुख्य वैस्कुलर और एंडोवास्कुलर सर्जन, एन. सेकर ने बताया कि मधुमेह के साथ बिताया गया समय सीधे तौर पर रक्त वाहिकाओं के रोगों के जोखिम को बढ़ाता है। उन्होंने तमिलनाडु में अंगों को कटने से बचाने के लिए शुरू किए गए 'एम्पुटेशन-फ्री तमिलनाडु' अभियान का भी उल्लेख किया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह जानकारी?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में मधुमेह की बढ़ती दर के कारण हृदय और अंगों की रक्त आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। यदि रक्त वाहिकाओं का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता, तो यह अंगों की विफलता और गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है।
'बैठना अब नया धूम्रपान बन चुका है; सक्रिय रहना ही रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने की कुंजी है।'
तिरुचि-कैंटोनमेंट से विशेषज्ञ अरुणागिरि विरतुगिरी ने मानव शरीर की रक्त वाहिकाओं की जटिल संरचना और धमनियों (Arteries) व शिराओं (Veins) को प्रभावित करने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से समझाया। वहीं, सेलम की एंडोक्रिनोलॉजिस्ट अनुश्री एस. ने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के महत्व पर जोर दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
वैस्कुलर रोगों का इतिहास सदियों पुराना है, लेकिन आधुनिक जीवनशैली और उच्च चीनी वाले आहार ने इसे वैश्विक महामारी बना दिया है। पहले ये बीमारियां उम्रदराज लोगों तक सीमित थीं, लेकिन अब मधुमेह के कारण युवा आबादी भी इसके प्रति संवेदनशील हो रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. वैस्कुलर स्वास्थ्य का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है शरीर की रक्त वाहिकाओं (धमनियों और शिराओं) का सही ढंग से कार्य करना ताकि अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुँच सकें।
2. मधुमेह पैरों को कैसे प्रभावित करता है?
उच्च रक्त शर्करा रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाती है और नसों को कमजोर करती है, जिससे पैरों में रक्त संचार कम हो जाता है।