लिनक्स के संस्थापक लिनस टोरवाल्ड्स ने AI टूल्स के उपयोग का समर्थन किया है और विरोधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को आपत्ति है, तो वे इसे 'फोर्क' कर सकते हैं या चले जा सकते हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- लिनस टोरवाल्ड्स ने लिनक्स कर्नेल में AI टूल्स के उपयोग का पूर्ण समर्थन किया है।
- उन्होंने आलोचकों को सलाह दी है कि अगर उन्हें AI से समस्या है, तो वे प्रोजेक्ट को फोर्क करें।
- यह विवाद 'साशिको' (Sashiko) नामक AI कोड रिव्यू सिस्टम के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
लिनक्स कर्नेल के संस्थापक और शीर्ष मेंटेनर लिनस टोरवाल्ड्स ने ओपन-सोर्स दुनिया में एक बड़ा बयान दिया है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव को लेकर चल रही बहस के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। लिनक्स कर्नेल मेलिंग लिस्ट पर एक विस्तृत पोस्ट में, टोरवाल्ड्स ने स्पष्ट रूप से कहा कि लिनक्स किसी 'एंटी-एआई' (anti-AI) परियोजना की तरह व्यवहार नहीं करेगा। उन्होंने उन लोगों को कड़ी चेतावनी दी है जो AI जनित कोड को पूरी तरह से खारिज करने पर जोर दे रहे हैं।
AI और ओपन-सोर्स का टकराव
प्रौद्योगिकी उद्योग आज दो खेमों में बंटा हुआ दिखाई दे रहा है—एक ओर वे डेवलपर्स हैं जो अपने काम में AI-संचालित टूल्स को शामिल कर रहे हैं, और दूसरी ओर वे 'एंटी-एआई एब्सोल्यूटिस्ट' हैं जो बड़े भाषा मॉडल (LLM) द्वारा लिखे गए कोड को अपनी परियोजनाओं से दूर रखना चाहते हैं। टोरवाल्ड्स ने इस विभाजन पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वह इस लंबे समय से चल रहे ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट को बेहतर बनाने के लिए AI टूल्स के उपयोग का समर्थन करने के लिए "पूरी तरह से अपना पैर जमाने" को तैयार हैं।
साशिको (Sashiko) विवाद और भविष्य
यह बहस 'साशिको' नामक एक एजेंटिक लिनक्स कर्नेल कोड रिव्यू सिस्टम के इर्द-गिर्द घूम रही है। इसके निर्माताओं का दावा है कि यह टूल परीक्षणों में स्वतंत्र रूप से उन बग्स का 53.6 प्रतिशत पता लगा सकता है जो बाद में ह्यूमन कोडर्स द्वारा ठीक किए जाते हैं। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह टूल मेंटेनर्स का समय बर्बाद करता है क्योंकि यह कई बार ऐसी रिपोर्ट भेजता है जो गलत (false positive) होती हैं। साशिको के मेंटेनर्स का अनुमान है कि इसकी गलत रिपोर्टिंग की दर 20 प्रतिशत के दायरे में है। टोरवाल्ड्स का रुख संकेत देता है कि भले ही कुछ शुरुआती समस्याएं हों, लेकिन तकनीकी प्रगति को रोका नहीं जा सकता और ओपन-सोर्स की आत्मा है 'फोर्किंग'—यदि आपको सिस्टम पसंद नहीं, तो आप इसे बदल सकते हैं, लेकिन दूसरों को रोक नहीं सकते।