हांगकांग में आयोजित तीसरे GTI डिजिटल इंटेलिजेंस फोरम ने 'खुलेपन, साझाकरण और सहयोग' के माध्यम से वैश्विक AI विकास को गति देने का आह्वान किया है। इस शिखर सम्मेलन में उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान के बीच एकीकरण और सुरक्षित AI शासन पर महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए।

  • GTI ने एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में 8 ओपन लैब और 6G टेस्टबेड स्थापित किए हैं।
  • AI विकास के लिए तीन मुख्य स्तंभ: तकनीकी नवाचार, औद्योगिक अनुप्रयोग और शासन अभ्यास।
  • चीन मोबाइल ने 'Byte+Token' संचालन मॉडल और एजेंट इंटरकनेक्शन की ओर बदलाव का प्रस्ताव दिया।

हांगकांग में आयोजित तीसरे GTI डिजिटल इंटेलिजेंस फोरम ने वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के समावेशी विकास के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। "खुलापन, साझाकरण और सहयोग - AI विकास को आगे बढ़ाना" विषय पर आधारित इस कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना और विकास की प्राथमिकताओं पर एक वैश्विक सहमति बनाना है।

GTI के अध्यक्ष गाओ टोंगकिंग ने इस बात पर जोर दिया कि संगठन वैश्विक स्तर पर उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान के बीच गहरे एकीकरण को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि GTI ने पहले ही एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में आठ ओपन प्रयोगशालाएं स्थापित की हैं और GSMA के साथ मिलकर एक वैश्विक ओपन इनोवेशन चैलेंज लॉन्च किया है। इसके अलावा, 50 से अधिक श्वेत पत्र (White Papers) जारी किए गए हैं जो उद्योग की सामान्य चुनौतियों से निपटने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

महत्वपूर्ण प्रस्ताव और रणनीतियाँ

गाओ टोंगकिंग ने AI के भविष्य के लिए तीन प्रमुख प्रस्ताव रखे। पहला, तकनीकी नवाचार को मजबूत करना ताकि AI की नींव ठोस हो। दूसरा, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, शिक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में AI के अनुप्रयोगों का विस्तार करना ताकि इसकी वास्तविक मूल्य क्षमता को अनलॉक किया जा सके। तीसरा, एक भरोसेमंद शासन (Trustworthy Governance) प्रणाली विकसित करना जो AI को मानवता की भलाई के लिए निर्देशित करे।

AI अब केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि एक सामान्य-उद्देश्य क्षमता बन गया है जो उत्पादकता और सामाजिक शासन के बुनियादी तर्क को बदल रहा है।

BozokMedia विश्लेषण: यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia analysis shows कि यह फोरम केवल तकनीकी चर्चा नहीं है, बल्कि डिजिटल संप्रभुता और वैश्विक मानकों की लड़ाई का एक हिस्सा है। जब चीन मोबाइल जैसे दिग्गज 'Byte+Token' मॉडल और एजेंट इंटरकनेक्शन की बात करते हैं, तो यह संकेत मिलता है कि भविष्य का इंटरनेट केवल डेटा ट्रांसफर के बारे में नहीं, बल्कि स्वायत्त AI एजेंटों के बीच संचार के बारे में होगा। यह बदलाव वैश्विक दूरसंचार बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से बदल सकता है।

चीन मोबाइल के कार्यकारी उपाध्यक्ष ली हुईडी ने स्पष्ट किया कि AI अब अलग-थलग उपकरणों से हटकर एक व्यापक क्षमता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने संचार नेटवर्क, कंप्यूटिंग नेटवर्क और AI नेटवर्क के समन्वित विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने हांगकांग की भूमिका को एक "सुपर कनेक्टर" के रूप में देखते हुए वैश्विक स्तर पर AI सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।

विशेषता पारंपरिक सूचना नेटवर्क AI-एकीकृत नेटवर्क (GTI विजन)
कनेक्टिविटी मानव-मशीन-वस्तु AI एजेंट इंटरकनेक्शन
ऑपरेशन मॉडल ट्रैफिक-आधारित Byte + Token आधारित
दृष्टिकोण उपकरण-केंद्रित क्षमता-केंद्रित
क्या आप जानते हैं?: GTI ने डिजिटल विभाजन को कम करने के लिए 'मोबाइल इंटेलिजेंस इंटीग्रेशन इंडेक्स (MI³)' पेश किया है, जो देशों के बीच AI अपनाने की क्षमता को मापता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. GTI फोरम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक सहयोग के माध्यम से AI के सुरक्षित, समावेशी और भरोसेमंद विकास को बढ़ावा देना और तकनीकी बाधाओं को दूर करना है।

2. 'Byte+Token' मॉडल का क्या अर्थ है?
यह पारंपरिक डेटा ट्रैफिक मॉडल से हटकर AI प्रोसेसिंग (टोकन) और डेटा ट्रांसमिशन (बाइट) के एकीकृत प्रबंधन की ओर एक बदलाव है।