अंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (APCRDA) ने अमरावती के गाँवों में पहली बार ग्राम सभाएँ आयोजित कीँ, जहाँ ग्रामीणों को नई सड़कों और इन्फ्रास्ट्रक्चर योजना से परिचित कराया गया। यह पहल अमरावती मास्टर प्लान के तहत गाँवों के संपर्क और विकास को तेज़ करने का लक्ष्य रखती है।
मुख्य बिंदु
- APCRDA ने अबरराजुपालेम और रायापुड़ी में प्रथम ग्राम सभा आयोजित की।
- ग्राम सभा में ग्रामीणों को नई सड़कों, एकीकरण योजना और लैंड पूलिंग स्कीम (LPS) के बारे में जानकारी दी गई।
- प्रतिक्रिया संग्रह के बाद योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (APCRDA) ने 3 अगस्त 2026 को अमरावती के उत्तर‑पश्चिम ग्रिड के दो प्रमुख गाँव—अबरराजुपालेम और रायापुड़ी—में ग्राम सभाओं की श्रृंखला शुरू की। ये बैठकें अमरावती मास्टर प्लान के हिस्से के रूप में गांव सर्कुलेशन और इंटीग्रेशन प्लान तैयार करने के लिए आयोजित की गईं।
सत्र में अधिकारियों ने मौजूदा गांव सड़कों को प्रस्तावित LPS (लैंड पूलिंग स्कीम) रोड नेटवर्क के साथ कैसे जोड़ा जाएगा, इस पर विस्तार से बताया। साथ ही भविष्य की विकास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और गाँव‑शहर कनेक्टिविटी सुधारने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
अमरावती को 2015 में नया राज्य राजधानी बनाने की योजना के तहत बड़े पैमाने पर शहरीकरण और बुनियादी ढांचा विकास की दिशा में कई कदम उठाए गए। लैंड पूलिंग स्कीम के माध्यम से ग्रामीण भूमि को एकत्रित कर व्यापक सड़क, जल, और बिजली नेटवर्क की योजना बनाई गई थी, परन्तु जमीन‑से‑जमीन संवाद की कमी ने कई बार योजना में देरी और विरोध को जन्म दिया। इस कारण APCRDA ने अब ग्राम स्तर पर सीधे संवाद स्थापित कर योजना को पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी बिना योजना के स्थायित्व और सफल कार्यान्वयन की संभावना कम हो जाती है। इन सभाओं से प्राप्त फीडबैक न केवल योजना को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाता है, बल्कि भविष्य के निवेशकों के विश्वास को भी बढ़ाता है।
"ग्रामीणों की आवाज़ को सुनना ही सतत शहरी विकास की कुंजी है," कहा शहरी नियोजन विशेषज्ञ प्रो. राधा वर्मा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- ग्राम सभाओं में कौन‑कौन उपस्थित होंगे? योजना, विकास प्रोत्साहन, सामाजिक विकास और एस्टेट विभाग के अधिकारी, साथ ही The Urbaniser के तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे।
- स्थानीय सुझावों को किस प्रकार लागू किया जाएगा? सभी फीडबैक का दस्तावेज़ीकरण किया जाएगा और अंतिम योजना तैयार होने से पहले विस्तृत समीक्षा प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।