केरल हाई कोर्ट के आदेश के बाद कोच्ची निगम ने कोन्थुरुथी नदी के पुरम्बोके को KMRL को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की है। 126 विस्थापित परिवारों को पुनर्वास प्रदान किया गया और नदी की मौलिक चौड़ाई 38 मीटर तक बहाल की जाएगी।

मुख्य बिंदु

  • कोन्थुरुथी नदी को 38 मीटर मूल चौड़ाई तक बहाल किया जाएगा
  • 126 परिवारों को 14 लाख रुपये की पुनर्वास राशि दी गई
  • राज्य सरकार ने 42 करोड़ रुपये का बजट अनुमोदित किया

कोच्ची नगर निगम ने हाल ही में कोन्थुरुथी नदी के पुरम्बोके को कोच्ची मेट्रो रेल लिमिटेड (KMRL) को सौंपने की तैयारी की है, ताकि नदी को साफ‑सुथरा और जल‑पर्यटन के योग्य बनाया जा सके। यह कदम केरल हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिसने 38 मीटर की मूल चौड़ाई बहाल करने का आदेश दिया था।

2012 से लंबित 126 परिवारों का बेदखली कार्य, नई नगरपालिका सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती था। 16 दिसंबर 2025 के अंतरिम आदेश के बाद, हाई कोर्ट ने परिवारों के पुनर्वास के लिए चार महीने की समय सीमा निर्धारित की। प्रत्येक परिवार को 14 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई, जिसका कुल खर्च निगम ने लगभग 18 करोड़ रुपये उठाया, जबकि राज्य की जीवन मिशन योजना से केवल 1.26 करोड़ रुपये ही उपलब्ध हुए।

मेयर वी.के. मिनिमोल ने कहा कि "भू‑स्वामित्व को शीघ्र ही KMRL को सौंपा जाएगा, जिससे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा सके और जल‑पर्यटन परियोजनाओं को लागू किया जा सके। राज्य सरकार ने इन योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए 42 करोड़ रुपये आवंटित करने का वचन दिया है"। यह प्रस्ताव अगले नगर परिषद के सत्र में औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा।

सभी 126 परिवारों की बेदखली और पुनर्वास प्रक्रिया तीन महीने में पूरी हो गई, और अंतिम भुगतान जुलाई में किया गया। 17 परिवार जिन्होंने हाई कोर्ट में अपील की थी, उन्होंने अपना मामला वापस ले लिया और क्षतिपूर्ति स्वीकार कर ली। कुछ परिवारों को अतिरिक्त समय देकर आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, जो अंततः पूरा हुआ।

Historical Background

कोन्थुरुथी नदी, कोच्ची के शहरी जल निकायों में से एक, कई दशकों से अनधिकृत निर्माण और अवैध कब्जों के कारण अपनी प्राकृतिक चौड़ाई से घटती गई थी। कुछ स्थानों पर नदी की चौड़ाई दो मीटर तक घट गई थी, जिससे जल प्रवाह बाधित और पर्यावरणीय क्षति हुई। पिछले दशक में कई नागरिक आंदोलनों ने इस समस्या को उजागर किया, लेकिन कानूनी कार्रवाई में देरी के कारण समाधान नहीं मिल पाया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that restoring the river to its original width not only revives local ecology but also unlocks significant economic potential through water‑tourism and improved urban livability. The ₹42 crore state allocation signals a strong policy shift toward sustainable urban infrastructure in Kerala.

"सफाई और पुनर्वास के बाद, कोन्थुरुथी नदी को एक प्रमुख जल‑पर्यटन स्थल में बदलना संभव है," जल‑पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. ए. के. राव ने टिप्पणी की।
Did You Know?: कोच्ची में 2010‑2015 के बीच केवल 12% नदी किनारे की जमीन ही कानूनी रूप से स्वीकृत थी।

Frequently Asked Questions

Q1: बेदखल किए गए परिवारों को कितनी राशि मिली?
A1: प्रत्येक परिवार को 14 लाख रुपये की पुनर्वास राशि दी गई, कुल मिलाकर लगभग 18 करोड़ रुपये।

Q2: नदी के पुनर्स्थापन के बाद कौन‑से नए विकास प्रस्तावित हैं?
A2: नदी के दोनों किनारों पर तीन‑मीटर चौड़ी सड़कों का निर्माण, जल‑पर्यटन बुनियादी ढांचा और सौंदर्यीकरण परियोजनाएँ।