जादवपुर विश्वविद्यालय में हुई हिंसा और तोड़फोड़ की जांच कर रहे पांच सदस्यीय पैनल के प्रमुख प्रोफेसर शुभ शंकर सरकार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली में होने और वर्चुअल जांच को अप्रभावी मानने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है।

  • प्रोफेसर शुभ शंकर सरकार ने जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) की जांच समिति के प्रमुख पद से इस्तीफा दिया।
  • इस्तीफे का मुख्य कारण दिल्ली में उनकी उपस्थिति और कैंपस में भौतिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता है।
  • ABVP और वामपंथी छात्र समूहों के बीच कैंपस में हुई हिंसा और तोड़फोड़ की जांच की जानी है।
  • RSS से जुड़े शिक्षक संगठन ने उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए थे।

पश्चिम बंगाल के प्रतिष्ठित जादवपुर विश्वविद्यालय में हाल ही में हुए कैंपस विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर शुभ शंकर सरकार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विश्वविद्यालय के कार्यवाहक रजिस्ट्रार सलीम बॉक्स मंडल ने पुष्टि की है कि प्रोफेसर सरकार ने अपनी असमर्थता जताई है, जिसके बाद अब एक नए अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी।

प्रोफेसर सरकार, जो नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति रह चुके हैं, ने कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य को भेजे ईमेल में स्पष्ट किया कि वह वर्तमान में दिल्ली में हैं। उनका मानना है कि इस तरह की संवेदनशील जांच के लिए उन लोगों के साथ नियमित और प्रत्यक्ष संवाद आवश्यक है जो घटना के समय कैंपस में मौजूद थे। हालांकि विश्वविद्यालय ने उन्हें ऑनलाइन कार्यवाही का विकल्प दिया था, लेकिन प्रोफेसर सरकार ने इसे अप्रभावी मानते हुए अस्वीकार कर दिया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this resignation is not merely a logistical issue but is deeply intertwined with the political volatility of the campus. The timing of the resignation, coming just hours after the Akhil Bharatiya Rashtriya Shaikshik Mahasangh (RSS-linked teachers' wing) questioned the credibility of Professor Sarkar, suggests a high-pressure environment where the impartiality of the probe is under intense scrutiny.

The resignation of the inquiry head reflects the extreme polarization within academic spaces, where the credibility of the investigator is often contested before the investigation even begins.

यह पूरा विवाद 20 अगस्त को शुरू हुआ था जब ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों (SFI, DSO-DSF) के बीच हिंसक झड़प हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बाहरी लोगों को कैंपस में लाने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया। इस घटना के बाद छात्रों और नागरिकों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप प्रशासन को जांच समिति बनाने पर मजबूर होना पड़ा।

इस्तीफे के पीछे एक अन्य महत्वपूर्ण कारण प्रोफेसर सरकार का विवादित अतीत भी माना जा रहा है। RSS से जुड़े संगठन ने उनकी नियुक्ति का विरोध करते हुए याद दिलाया कि जनवरी 2022 में कलकत्ता उच्च न्यायालय की कार्यवाही के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) के अध्यक्ष पद से हटाया गया था। संगठन ने मांग की थी कि जांच का नेतृत्व किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा किया जाना चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

क्या आप जानते हैं?: जादवपुर विश्वविद्यालय अपने मजबूत राजनीतिक सक्रियता और बौद्धिक विमर्श के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में यह विभिन्न छात्र गुटों के बीच वैचारिक संघर्ष का केंद्र बन गया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: प्रोफेसर शुभ शंकर सरकार ने इस्तीफा क्यों दिया?
मुख्य कारण उनका दिल्ली में होना और यह मानना था कि वर्चुअल माध्यम से जांच प्रभावी ढंग से नहीं की जा सकती।

प्रश्न 2: विवाद की मुख्य वजह क्या थी?
ABVP और वामपंथी संगठनों के बीच कैंपस में बाहरी लोगों के प्रवेश और तोड़फोड़ को लेकर हिंसक झड़प हुई थी।