जादवपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हुई हिंसा के पांच दिन बाद भी तनाव बना हुआ है। छात्र अब पूर्व कुलपति बुद्धदेव साऊ के निलंबन की मांग कर रहे हैं।
- एबीवीपी और वामपंथी छात्र संघों के बीच हिंसक झड़प के बाद परिसर में भारी तनाव।
- पूर्व कुलपति बुद्धदेव साऊ पर बाहरी तत्वों को कैंपस में प्रवेश दिलाने का आरोप।
- छात्रों ने जांच पैनल में छात्र प्रतिनिधि शामिल करने की मांग की।
- पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंसा की निंदा की और छात्रों का समर्थन किया।
कोलकाता के प्रतिष्ठित जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) में पिछले पांच दिनों से जारी हिंसा के बाद स्थिति अभी भी बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। सोमवार, 24 अगस्त 2026 को, एबीवीपी (ABVP) और वामपंथी समर्थित छात्र संगठनों के बीच हुए हिंसक संघर्ष के बाद परिसर में भारी पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी देखी गई।
वामपंथी छात्र संगठनों, जिनमें SFI और DSF शामिल हैं, ने विश्वविद्यालय के मुख्य भवन, अरबिंदो भवन के सामने धरना दिया। छात्रों की मुख्य मांग पूर्व कुलपति और गणित विभाग के प्रोफेसर बुद्धदेव साऊ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करना है। यह मांग एक सीसीटीवी फुटेज के वायरल होने के बाद उठी है, जिसमें साऊ को कथित तौर पर बाहरी भाजपा नेताओं और एबीवीपी समर्थकों को गेट नंबर 4 के माध्यम से परिसर में प्रवेश करने की अनुमति देते हुए देखा गया है।
क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह संघर्ष केवल दो छात्र गुटों के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और राजनीतिक हस्तक्षेप के बीच के गहरे संघर्ष को दर्शाता है। यदि प्रशासन इन मांगों पर विचार नहीं करता है, तो शैक्षणिक वातावरण और अधिक बिगड़ सकता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका इस संकट में सबसे महत्वपूर्ण है; किसी भी पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से संस्थान की साख को अपूरणीय क्षति हो सकती है।
छात्र नेताओं का आरोप है कि बुद्धदेव साऊ आरएसएस समर्थित शिक्षक संगठन (ABRSM) के सदस्य हैं और उन्होंने जानबूझकर भीड़ को उकसाया। छात्रों ने यह भी मांग की है कि विश्वविद्यालय द्वारा गठित स्वतंत्र जांच पैनल में एक छात्र प्रतिनिधि को शामिल किया जाए। वहीं दूसरी ओर, एबीवीपी ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रैली निकाली और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पर गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप लगाया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जादवपुर विश्वविद्यालय ऐतिहासिक रूप से छात्र राजनीति और सामाजिक आंदोलनों का केंद्र रहा है। यहाँ के छात्र अक्सर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहते हैं, जिससे कभी-कभी कैंपस में वैचारिक संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: विवाद का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: विवाद का मुख्य कारण एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हुई हिंसक झड़प और पूर्व कुलपति की भूमिका को लेकर उपजा विवाद है।
प्रश्न 2: ममता बनर्जी ने इस पर क्या कहा?
उत्तर: ममता बनर्जी ने हिंसा की निंदा की और कहा कि भले ही उनके छात्रों के साथ वैचारिक मतभेद हों, लेकिन वे छात्रों का सम्मान करती हैं और उन्हें अपना मित्र मानती हैं।