कर्नाटक रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (RERA-K) ने राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए एक नया मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और सॉफ्टवेयर पेश किया है। यह कदम बिल्डरों द्वारा आदेशों की अनदेखी करने वाले मामलों में घर खरीदारों के पैसे वापस दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्य बातें
- RERA-K ने राजस्व वसूली के लिए नया SOP और समर्पित सॉफ्टवेयर जारी किया।
- धारा 40(2) का उपयोग कर अब RERA सिविल कोर्ट की तरह आदेश लागू कर सकेगा।
- बेंगलुरु में RRC कार्यान्वयन के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- बिल्डर की संपत्ति और बैंक खातों को कुर्क करने की शक्ति का उपयोग होगा।
कर्नाटक रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (RERA-K) ने लंबे समय से चली आ रही राजस्व वसूली की समस्या को हल करने के लिए एक निर्णायक कदम उठाया है। प्राधिकरण ने हाल ही में एक नया मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और विशेष सॉफ्टवेयर विकसित करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य राजस्व वसूली प्रमाणपत्रों (RRCs) के कार्यान्वयन में तेजी लाना है।
अब तक, RERA-K द्वारा जारी किए गए RRCs के मूल्य का केवल 10% ही वसूल किया जा सका था। इस सुस्ती का मुख्य कारण प्रवर्तन तंत्र की कमी थी। नए SOP के माध्यम से, प्राधिकरण अब RERA अधिनियम, 2016 की धारा 40(2) को प्रभावी ढंग से लागू कर सकेगा। यह प्रावधान RERA को यह शक्ति देता है कि वह अपने आदेशों को ठीक उसी तरह लागू करे जैसे कि एक मुख्य सिविल न्यायालय का डिक्री या आदेश हो।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह बदलाव रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्रांतिकारी है। अब तक, RRCs केवल प्रशासनिक फाइलों में दबे रहते थे, लेकिन नए नियमों के तहत, यदि कोई बिल्डर आदेश का पालन नहीं करता है, तो प्राधिकरण उसकी चल और अचल संपत्ति, यहाँ तक कि बैंक खातों को भी कुर्क करने और नीलाम करने का आदेश दे सकता है।
RRCs अब केवल प्रशासनिक अनुरोध नहीं रह सकते; प्राधिकरण को संपत्ति कुर्क करने के लिए अपनी शक्तियों का सीधे उपयोग करना चाहिए।
बेंगलुरु जैसे जिलों में, जहाँ RRC के मामलों की संख्या सबसे अधिक है, सरकार ने जयामधावा पी. (विशेष उप आयुक्त) को कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी है। एक समर्पित पोर्टल और सॉफ्टवेयर के माध्यम से, पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा और वसूली की समय सीमा को 3.5 महीने के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
RRC स्थिति का विवरण
| विवरण | संख्या/मूल्य |
|---|---|
| जारी किए गए RRC | 2,556 |
| कुल मूल्य | ₹1,214.32 करोड़ |
| वसूली गई राशि | ₹123.84 करोड़ |
| लंबित राशि | ₹1,090.48 करोड़ |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. नया SOP क्या है?
यह एक नई प्रक्रिया है जो RERA को बिल्डरों के खिलाफ अपने वित्तीय आदेशों को सख्ती से लागू करने की शक्ति देती है।
2. यदि बिल्डर भुगतान नहीं करता है तो क्या होगा?
प्राधिकरण बिल्डर की चल-अचल संपत्ति और बैंक खातों को कुर्क कर उन्हें नीलाम कर सकता है।