अमेरिकी अपील अदालत ने फैसला सुनाया है कि जिला अदालत के पास बो वे बर्गडाहल की सैन्य दोषसिद्धि को रद्द करने का अधिकार नहीं था। इस फैसले से बर्गडाहल की सजा बहाल हो गई है।
- अपील अदालत ने कहा कि केवल सैन्य न्यायाधिकरण ही कोर्ट-मार्शल दोषसिद्धि की समीक्षा कर सकते हैं।
- जिला न्यायाधीश द्वारा बर्गडाहल की सजा रद्द करने का निर्णय अवैध पाया गया।
- इस फैसले के साथ ही पूर्व सैनिक बर्गडाहल की सैन्य दोषसिद्धि प्रभावी रूप से बहाल हो गई है।
वाशिंगटन डीसी स्थित अमेरिकी अपील अदालत के एक तीन-न्यायाधीशों के पैनल ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि एक संघीय न्यायाधीश के पास पूर्व अमेरिकी सेना के सैनिक बो वे बर्गडाहल की सैन्य दोषसिद्धि को पलटने का कोई अधिकार नहीं था। बर्गडाहल पर अफगानिस्तान में अपनी चौकी छोड़ने (desertion) का आरोप था, जिसके बाद उन्हें तालिबान से जुड़े बलों ने लगभग पांच वर्षों तक बंदी बनाए रखा था।
अदालत के इस आदेश ने जिला अदालत में बर्गडाहल द्वारा दायर दावों को खारिज कर दिया है। इस कानूनी मोड़ का सीधा अर्थ यह है कि बर्गडाहल की पूर्व में हुई सैन्य सजा और दोषसिद्धि अब कानूनी रूप से फिर से प्रभावी हो गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि 2023 में जिला न्यायाधीश रेगी वाल्टन ने जो निर्णय लिया था, वह क्षेत्राधिकार से बाहर था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बो वे बर्गडाहल, जो मूल रूप से आइडाहो के रहने वाले थे, जून 2009 में अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में तैनात थे। उन्होंने बिना अनुमति के अपनी चौकी छोड़ दी थी। उनके बचाव पक्ष का तर्क था कि वे अपनी यूनिट के खराब नेतृत्व की शिकायत करने के लिए मुख्यालय जा रहे थे। हालांकि, इस दौरान उन्हें हक्कानी नेटवर्क द्वारा पकड़ लिया गया और उन्हें प्रताड़ित किया गया। 2014 में, तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान एक prisoner swap (कैदी विनिमय) के तहत उन्हें रिहा किया गया था, जिसमें गुआंतनामो बे से पांच तालिबान कैदियों को रिहा किया गया था।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला अमेरिकी सैन्य न्याय प्रणाली और नागरिक अदालतों के बीच क्षेत्राधिकार की जटिल सीमाओं को रेखांकित करता है। यह फैसला इस सिद्धांत को मजबूत करता है कि सैन्य मामलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए सैन्य कानून के तहत गठित विशिष्ट न्यायाधिकरणों का अधिकार सर्वोपरि है।
सैन्य न्याय प्रणाली की स्वायत्तता को बनाए रखने के लिए यह फैसला एक मिसाल कायम करता है कि नागरिक अदालतें सैन्य सजाओं के न्यायिक समीक्षा के दायरे में नहीं आ सकतीं।
बर्गडाहल ने 2021 में नागरिक अदालत में मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने तर्क दिया था कि उनकी सैन्य सजा उनके पांचवें संशोधन के तहत 'ड्यू-प्रोसेस' अधिकारों का उल्लंघन थी। न्यायाधीश वाल्टन ने सैन्य न्यायाधीश जेफरी नैंस के हितों के टकराव का हवाला देते हुए सजा रद्द की थी, लेकिन अपील अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया।
Frequently Asked Questions
1. बर्गडाहल पर मुख्य आरोप क्या थे?
उन पर अफगानिस्तान में अपनी पोस्ट छोड़ने (desertion) और दुश्मन के सामने दुर्व्यवहार करने के आरोप थे।
2. इस फैसले का बर्गडाहल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस फैसले से उनकी सैन्य दोषसिद्धि और dishonorable discharge की स्थिति कानूनी रूप से बहाल हो गई है।