एपीएसआरटीसी के कर्मचारियों की जॉइंट एक्शन कमेटी ने यूनियन, छात्र और युवा संगठनों को 28 अगस्त को जिला सार्वजनिक परिवहन अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर महा धरना के लिए समर्थन देने का आग्रह किया। यह कदम पिछले दो महीनों की शांतिपूर्ण हड़ताल के बाद उठाया गया है।
मुख्य बिंदु
- एपीएसआरटीसी जॉइंट एक्शन कमेटी ने यूनियनों और छात्र समूहों से समर्थन मांगा।
- 28 अगस्त को सभी जिलों में महा धरना आयोजित करने का प्रस्ताव।
- विद्युत बसों की खरीद और रिक्त पदों की पूर्ति की मांग।
एपीएसआरटीसी जॉइंट एक्शन कमेटी का कदम
विजयनगर में 9 अगस्त को एपीएसआरटीसी कर्मचारियों की जॉइंट एक्शन कमेटी (RTC JAC) ने एपीएनजीओएस के राज्य अध्यक्ष ए. विद्या सागर और एपी जॉइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन से मिलकर अपने अधिकारों के लिये अतिरिक्त समर्थन की मांग की। पिछले दो महीनों में शांति पूर्ण हड़ताल के बावजूद सरकार की अनुत्तरदायी नीति ने उन्हें नई रणनीति अपनाने के लिए प्रेरित किया।
जॉइंट एक्शन कमेटी ने स्पष्ट किया कि वे सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक बसों के परिचय का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि चाहते हैं कि इन नई बसों की पूरी खरीदारी और संचालन RTC के कर्मचारियों द्वारा किया जाए। साथ ही उन्होंने रिक्त पदों की भरपाई और निजीकरण के खिलाफ कड़ी प्रतिबद्धता की माँग की।
विद्या सागर ने सार्वजनिक रूप से इस मांग का समर्थन किया और कहा कि सरकार को तुरंत एक नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए जिससे सभी रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि निजी ई-बसों और डिपो जमीन के लीज़ को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
एपीएसआरटीसी, जो राज्य की प्रमुख सार्वजनिक परिवहन एजेंसी है, पिछले दशकों में कई बार कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और कार्य परिस्थितियों को लेकर संघर्ष में रही है। 2023 में शुरू हुई 'स्ट्री शक्ती' योजना ने बसों की संख्या में वृद्धि की, परन्तु कर्मचारियों के लिए पर्याप्त भर्ती नहीं हुई, जिससे असंतोष उत्पन्न हुआ।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इस तरह की सामूहिक कार्रवाई न केवल कर्मचारी अधिकारों की रक्षा करती है, बल्कि राज्य की सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की निरंतरता और गुणवत्ता को भी प्रभावित करती है। यदि सरकार इस मुद्दे को हल नहीं करती, तो यात्रियों को गंभीर व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है।
"सड़क पर बसों की कमी और कर्मचारियों की असंतुष्टि दोनों ही सार्वजनिक सेवा को कमजोर करते हैं," कहते हैं ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञ डॉ. रजत सिंह।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: महा धरना कब और कहाँ आयोजित होगी?
उत्तर: यह 28 अगस्त को सभी जिलों के जिला सार्वजनिक परिवहन अधिकारी (DPTO) के कार्यालयों के बाहर आयोजित की जाएगी।
प्रश्न 2: कौन से छात्र और युवा समूह समर्थन कर रहे हैं?
उत्तर: एआईएसएफ (AISF) और एआईवाईएफ (AIYF) के राज्य अध्यक्ष और सचिव ने पूर्ण समर्थन दिया है।